पॉलिटिक्स

प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर लोकसभा में हुआ हंगामा।

नई दिल्ली. संसद के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मंगलवार को प्याज की बढ़ती कीमतों, अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी के मुद्दे पर लोकसभा में हंगामा किया। भाजपा ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर सोमवार को की गईं टिप्पणियों पर माफी की मांग की।

भाजपा सांसद पूनम महाजन ने कहा- कल सभी सदस्य तेलंगाना में डॉक्टर की हत्या और दुष्कर्म की घटना को लेकर साथ खड़े थे, लेकिन कुछ देर बाद जिनके नाम में धीर है, ऐसे अधीर रंजन जी के धीर का बांध टूट गया। उन्होंने सीतारमण पर टिप्पणी की, बहुत बुरा हुआ। निर्बल तो आप हैं दादा (चौधरी) कि एक ही परिवार की महिला के लिए आप खड़े हैं और उसी के सम्मान और सुरक्षा के लिए लड़ रहे हैं। दरअसल, अधीर रंजन चौधरी ने निर्मला सीतारमण को निर्बला कहा था।

सरकार ने बलवंत सिंह राजौना की सजा नहीं बदली है:

अमित शाह ने लोकसभा में कहा- पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे बलवंत सिंह राजौना की मौत की सजा बदली नहीं गई है। सांसद इस संबंध में मीडिया में आ रही खबरों पर यकीन न करें। यह मुद्दा बेअंत सिंह के पोते और सांसद रावनीत सिंह बिट्‌टू ने प्रश्न काल में उठाया गया था। मीडिया में कुछ दिनों से गृह मंत्रालय द्वारा राजौना की सजा बदलने संबंधी निर्देश पंजाब सरकार को भेजे जाने की खबरें आ रही थीं। गृह मंत्री शाह राज्यसभा में एसपीजी संशोधन विधेयक 2019 भी पेश करेंगे। यह बिल 27 नवंबर को लोकसभा में पास हो चुका है।

दुष्कर्म के दोषियों को आजीवन जेल में रखें:

तेलंगाना समेत अन्य राज्यों में दुष्कर्म की घटनाओं और महिला अपराध को लेकर भी संसद में दूसरे दिन भी चर्चा जारी है। भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने लोकसभा में कहा- दुष्कर्मियों को हमेशा जेल में रखा जाना चाहिए। विपक्ष ने सोमवार को दुष्कर्म के दोषियों को सजा देने के लिए कड़ा कानून लाने की मांग की थी।

प्रधानमंत्री मोदी अपने सांसदों की कम उपस्थिति से नाखुश

उधर, भाजपा संसदीय दल की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद सत्र में सांसदों की कम उपस्थिति से संतुष्ट नहीं हैं। सरकार की ओर से बिल पर चर्चा में सभी सदस्य मौजूद रहें। भाजपा को विपक्ष पर ज्यादा हमलावर होने की जरूरत है, लेकिन सदन में कांग्रेस की तरह व्यवहार न किया जाए। भाजपा हमेशा दूसरी पार्टियों से अलग नजर आनी चाहिए। 

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