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चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगे ये कांग्रेसी दिग्गज! इनकी बदलेगी सीट

दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कांग्रेस दिग्गज उम्मीदवारों पर दांव लगाएगी। लोकसभा चुनाव के दौरान उसकी यह रणनीति काफी कारगर रही थी। पार्टी उसी रणनीति को विधानसभा चुनावों में भी आजमाने की तैयारी कर रही है। लेकिन इसके बाद भी पार्टी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा को चुनावी मैदान में नहीं उतारेगी। वे अपने उम्मीदवारों को चुनाव लड़वाने का काम करेंगे। वे तीन बार कालका जी सीट से विधायक रह चुके हैं।

पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान सुभाष चोपड़ा इस सीट पर तीसरे स्थान पर रहे थे, जबकि आम आदमी पार्टी के अवतार सिंह ने इस सीट पर बाजी मारी थी। हालांकि, कालकाजी सीट पर पार्टी की बेहतर पकड़ को ध्यान में रखते हुए सुभाष चोपड़ा के किसी करीबी को यहां से चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक पार्टी अपने लिए बीस सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण सीटों पर पूरी मजबूती से चुनाव लड़ना चाहती है।

इन सीटों पर बड़े कद के उम्मीदवारों को मैदान में उतारकर जीत सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई है। इन उम्मीदवारों के चुनावी अभियान को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए सुभाष चोपड़ा और उनकी टीम काम करेंगे। चुनावी अभियान को अनुभव की मजबूत खुराक देने के लिए ही सुभाष चोपड़ा को चुनाव लड़ने से रोकने की रणनीति बनाई गई है।

एके वालिया कृष्णानगर से आजमा सकते हैं किस्मत

शीला दीक्षित मंत्रिमंडल के बेहद साफ-सुथरे और बेदाग छवि के नेता एके वालिया इस बार कृष्णानगर सीट से अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। इसके पहले वे लक्ष्मीनगर और गीता कालोनी सीट से दिल्ली विधानसभा में चार बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। आम आदमी पार्टी की लहर में वे विनोद कुमार बिन्नी से चुनाव हार गये थे। लेकिन इस बार वे फिर मजबूती से मैदान में उतरने की योजना बना रहे हैं। पार्टी अपने इस जमीनी, अनुभवी और कद्दावर नेता को कृष्णानगर सीट से मैदान में उतार सकती है।

किरन वालिया पर सस्पेंस

शीला दीक्षित मंत्रिमंडल की विशेष सहयोगी किरण वालिया इस समय पार्टी का मैनिफेस्टो बनाने में जुटी हैं। वे दिन-रात पार्टी कार्यकर्ताओं से राय लेकर पार्टी के मुद्दों को अंतिम रूप देने में लगी हैं जिन्हें पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में जगह दी जा सकती है। लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ वे स्वयं चुनाव लड़ने से दूर रहना चाहती हैं। हालांकि, पार्टी अपने इस अनुभवी नेता को चुनाव लड़वाने की सोच सकती है। वे मालवीय नगर सीट से तीन बार पार्टी का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

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