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झारखंड प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व में हो सकता है बड़ा बदलाव!

Ranchi : हाल ही में संपन्न हुए झारखंड विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के साथ कांग्रेस पार्टी सत्ता में आ चुकी है. राज्य के कुल 81 विधानसभा सीटों में से 31 पर पार्टी चुनाव लड़ी थी. जिसमें 16 पर जीत और 15 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा.

पार्टी के शीर्ष नेतृत्व इसका आकलन की तैयारी में है कि गठबंधन में रहकर चुनाव लड़ने के बाद भी 15 प्रत्याशियों को कैसे हार मिली. बताया जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व को इसकी बात की जानकारी मिली है कि प्रत्याशियों के हार के पीछे कई कार्यकर्ताओं और बड़े नेताओं की लापरवाही शामिल है. संभवतः इसे देख शीर्ष नेतृत्व में बदलाव की बात भी कही जा रही है.

31 सीटों पर पार्टी लड़ी थी चुनाव

राज्य विधानसभा चुनाव में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस पार्टी ने 31 सीटों पर प्रत्याशी उतारी थी. इसमें पार्टी को जगन्नाथपुर, खिजरी, कोलेबिरा, सिमडेगा, लोहरदगा, मनिका, बेरमो, जामताड़ा, झरिया, पाकुड़, जरमुंडी, महागामा, बरही बड़कागांव, रामगढ़, जमशेदपुर (पश्चिम), सीट में जीत मिली है.

वहीं हटिया से अजय नाथ शाहदेव, डाल्टनगंज से के.एन.त्रिपाठी, पांकी से देवेंद्र सिंह बिट्टू, जमुआ से मंजु कुमारी, कांके से सुरेश बैठा, हजारीबाग से रामचंद्र प्रसाद, बोकारो से श्वेता सिंह, धनबाद से मन्नान मलिक, बाघमारा से जलश्वेर महतो, मांडर से सन्नी टोप्पो, विश्रामपुर से चंद्रशेखर दूबे, भवनाथपुर से के.पी.यादव, जमशेदपुर (पूर्वी) से गौरव वल्लभ, सिमरिया से योगेंद्र बैठा, बगोधर से वासूदेव वर्मा को हार का सामना करना पड़ा.

प्रदेश नेतृत्व में जल्द हो सकता है बदलाव

15 सीटों पर प्रत्याशियों की हार से नाराज दिल्ली नेतृत्व के द्वारा प्रदेश स्तर पर बदलाव करने की तैयारी भी सामने आ रही है. वर्तमान प्रदेश अध्य़क्ष रामेश्वर उरांव के कैबिनेट मंत्री के बाद तो उनका प्रदेश अध्यक्ष से हटना तय माना जा रहा है. वहीं खबर यह भी है कि प्रदेश नेतृत्व स्तर पर भी जल्द ही बड़ा बदलाव किया जा सकता है.

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