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यूपी में हालात ने बदले सियासी समीकरण, अब ढाल उठाने को लपकेगी तलवार भांजती कांग्रेस…जानिये कारण

लखनऊ [जितेंद्र शर्मा]। उत्तर प्रदेश में सियासी दलों के बीच बिना चुनाव के चल रहे रोमांचक मुकाबले में नया मोड़ आ गया है। तीन दशक से निढाल पड़ी कांग्रेस कुछ खड़ी होती नजर आई। सोनभद्र नरसंहार के जिस मुद्दे से ऊर्जा पाकर पार्टी ने भाजपा पर तलवार भांजनी शुरू की, उसी जमीन को सत्ताधारी दल ने पुरानी जड़ खोदकर खोखला कर दिया। अब तक जो कांग्रेस हमलावर थी, उसके लिए फिलहाल नौबत ढाल उठाकर बचाव की है। राजस्थान के कोटा में मासूम बच्चों की मौत से उठे करुण क्रंदन को भी यहां कांग्रेस के लिए कोलाहल बनाने की कोशिश है।
तीस साल से उत्तर प्रदेश में वनवास झेल रही कांग्रेस की महासचिव प्रियंका वाड्रा ने कुछ माह पहले सोनभद्र के उभ्भा गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुए नरसंहार को जोरदारी से उठाकर अन्य विपक्षी दलों के मुकाबले बढ़त बनाई। यहां से थकी-मांदी कांग्रेस को कुछ ऊर्जा मिली तो फिर उन्नाव दुष्कर्म कांड, चिन्मयानंद प्रकरण, मैनपुरी नवोदय छात्रा प्रकरण पर प्रियंका ने सरकार को घेरने में कतई गुंजाइश नहीं छोड़ी। सरकार के कुछ फैसलों को प्रियंका का दबाव मानकर कांग्रेस ने यूपी में प्रियंका इफेक्ट बताना भी शुरू कर दिया।
उत्साहित प्रियंका नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शनों को समर्थन करते हुए हिंसा के हताहत प्रदर्शनकारियों की हमदर्द बन गईं। यहां से सरकार ने उल्टा वार मारा और कांग्रेस की सियासत को ही कठघरे में खड़ा कर दिया। इसी बीच सोनभद्र के उभ्भा को लेकर प्रमुख सचिव रेणुका कुमार की जांच रिपोर्ट आ गई। भाजपा ने इस बिंदु को उठा लिया कि वहां हुए जमीन के घोटाले में कांग्रेस के लोगों की मिलीभगत थी। उन्होंने ही आदिवासियों की जमीन कब्जाई। इधर, सरकार पर जिम्मेदारियों को लेकर सवाल उठा रही प्रियंका की घेराबंदी भाजपा ने कांग्रेस शासित राजस्थान के कोटा में मासूम बच्चों की मौत के मामले पर भी शुरू कर दी। फिलहाल स्थिति यह है कि भाजपा अब ‘फ्रंटफुट’ पर खेलने को तैयार है और कांग्रेस को तमाम जवाब देने हैं।
रेणुका समिति की जांच रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा उजागर
सोनभद्र के उम्भा गांव में हुए नरसंहार के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोनभद्र और मीरजापुर जिलों की कृषि सहकारी समितियों की जांच के निर्देश दिए थे। अब अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार की अध्यक्षता में गठित समिति की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपे जाने के बाद मीरजापुर में कांग्रेस के एक बड़े नेता की मुश्किलें बढ़ने के आसार हैं। यह नेता मीरजापुर की गोपलपुर कृषि सहकारी समिति के पदाधिकारी हैं। जांच में पाया गया है कि गोपलपुर कृषि सहकारी समिति ने सीलिंग के दायरे में आने वाली 9047 बीघा जमीन पर नाजायज तरीके से कब्जा कर रखा है। जांच समिति ने शासन से इसे सीलिंग की जमीन घोषित करते हुए वापस लेने की सिफारिश की है।
खूब ट्रोल हुईं प्रियंका
राजनीति दलों के बीच सोशल मीडिया पर खूब जंग छिड़ी है। प्रियंका जिस तरह से एक-एक घटना पर ट्वीट करती रही हैं, उसी तरह से भाजपा ने अब उन्हें निशाने पर लिया है। शनिवार को सोनभद्र कांड पर ‘हैशटैग भूमाफिया कांग्रेस’ चलाया। ट्रेडिंग में यह तीसरे नंबर तक पहुंचा। शनिवार को ही मुजफ्फरनगर और मेरठ में प्रियंका ने सीएए हिंसा के हताहतों से मुलाकात की थी। इस पर चलाया गया ‘हैशटैग प्रियंका का हाथ दंगाइयों के साथ।’ इसके पहले दो जनवरी को चलाया गया ‘हैशटैग कोटा के दोषी’ चलाकर प्रियंका पर तीर छोड़े। ट्रेंडिंग में यह नंबर एक तक गया। कांग्रेस महासचिव के भगवा पर सवाल के जवाब में ‘हैशटैग भगवा की शान योगीजी’ भी खूब चला।

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