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तेजप्रताप और ऐश्वर्या राय का तलाक हो गया और राबड़ी यादव ने ऐश्वर्या राय का सारा सामान वापस कर दिया।

पटना. राजद प्रमुख लालू प्रसाद के बेटे तेजप्रताप यादव और बहू ऐश्वर्या के बीच चल रहे विवाद में गुरुवार को नया मोड़ आ गया। शाम में अचानक राबड़ी आवास से ऐश्वर्या का सामान उनके पिता चंद्रिका राय के आवास पर भिजवा दिया गया। राबड़ी आवास के सुरक्षा गार्ड दो पिकअप वैन में सामान लेकर राय के आवास पहुंचे।

उनका कहना था कि ऐश्वर्या शादी के समय जो सामान लेकर ससुराल गई थी वह सारा सामान लालू परिवार ने वापस कर दिया है। हालांकि सुरक्षा गार्डों को फटकारते हुए चंद्रिका ने सामान नहीं लिया। देर रात तक वैन वहीं खड़ा रहा। वहां पुलिस तैनात कर दी गई। 

मीसा का वार- सस्ती लोकप्रियता के लिए हमारे परिवार को बदनाम कर रहे चंद्रिका

सांसद डॉ.मीसा भारती ने कहा- पॉलिटिकल फायदे और सस्ती लोकप्रियता के लिये चंद्रिका परिवार, लालू परिवार को बदनाम कर रहा है। उन्होंने ऐश्वर्या की मां पूर्णिमा राय द्वारा महिला हेल्पलाइन को 16 दिसंबर को लिखे पत्र का हवाला हुए कहा- एक तरफ वो सामान मांगते हैं और भिजवाने पर लेबरों को मार-पीट कर सामान लेने से इनकार कर देते हैं। उन्हाेंने बताया- दो कमरों में ऐश्वर्या के सामान का जिक्र कर महिला हेल्पलाइन के प्रोटेक्शन ऑफिसर ने उसे लौटाने का आग्रह राबड़ी देवी से किया था।

इसके बाद वीडियोग्राफी करा ताला तोड़ा गया और सामान भेजा गया तो घटिया आरोप लगाते हुए सामान नहीं ले रहे। वो देख कर बताएं कि क्या उनका सामान नहीं है? वो घटिया आरोप लगा रहे कि गाड़ी में विस्फोटक सामान हो सकता है। 10 सर्कुलर रोड में मां राबड़ी के अलावा दूसरा मेंबर नहीं हैं। मीसा ने पूछा- क्या राबड़ी देवी सामान लेकर वहां जाती? सुरक्षा गार्ड आदमी नहीं है क्या? वो बार-बार रात के समय का जिक्र कर रहे हैं। क्या उन्होंने सामान लौटाने का कोई समय निर्धारण किया था? 

चंद्रिका का पलटवार- आपत्तिजनक सामान भेज फंसा सकते हैं, केस करेंगे

चंद्रिका ने कहा-मजिस्ट्रेट, थाना या प्रोटेक्शन ऑफिसर के सामने क्यों नहीं तोड़ा ताला, कानून के मुताबिक सामान की इन्वेंट्री क्यों नहीं बनायी? मीसा भारती के आरोप से खीझे चंद्रिका राय ने कहा- जिस दिन ऐश्वर्या को राबड़ी देवी ने अपने घर से निकाला था उसके बाद 15 दिसंबर को महिला हेल्पलाइन को पत्र लिखा गया था। कानून के तहत राबड़ी देवी से सहयोग करने का आग्रह किया गया। कानून के मुताबिक मजिस्ट्रेट, थाना या प्रोटेक्शन ऑफिसर के सामने ताला तोड़ा जाता और सामान की इन्वेंट्री बनती।

ऐसा क्यों नहीं हुआ? बिहार में शराबबंदी लागू है। शराब, विस्फोटक या अन्य आपत्तिजनक सामान भेज हमें फंसाया भी जा सकता है। अभी मामला कोर्ट में हैं। तलाक का आवेदन उनलोगों ने दिया है। ऐसी परिस्थिति में संदेहात्मक तरीके से सामान भिजवाने का क्या मतलब है? हम जंगल राज में जी रहे हैं क्या? कहा- राबड़ी देवी पर प्रताड़ना का केस दर्ज है जिसे वो बाधित करने का प्रयास कर रहीं हैं। एफआईआर करेंगे। लेबर को पीटने के आरोप पर चंद्रिका ने कहा- वो गलतबयानी कर रही हैं।

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