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झारखंड में अजब संयोग, चुनाव में सीएम को मिलती है हार, रघुुवर भी नहीं तोड़ पाए तिलिस्म

नई दिल्ली. झारखंड विधानसभा चुनावों के नतीजों (Jharkhand Election Result 2019) ने बीजेपी को सत्ता से बाहर कर दिया है. कांग्रेस, जेएमएम और आरजेडी के महागठबंधन ने बीजेपी को सरकार से बेदखल कर दिया. झारखंड के 19 साल के इतिहास में कोई मुख्यमंत्री वापसी नहीं कर पाया. झारखंड की राजनीति के साथ एक अजब संयोग जुड़ा है, यहां पर सत्तारूढ़ पार्टी को तो हार का सामना करना ही पड़ता है, खुद सीएम भी अपनी हार नहीं टाल पाते. अब तक जितने भी चुनाव हुए हैं, उनमें मुख्यमंत्री पद पर रहे चेहरे को हार को सामना करना पड़ा है. लगता है कि इस बार रघुवर दास (Raghubar Das) भी इस तिलिस्म को तोड़ नहीं पाए और जिस जमेशदपुर सीट (Jamshedpur East) से वह 1995 से जीतते आ रहे थे, वह वहांं पर हार के करीब हैं.

19 साल में झारखंड में 6 मुख्यमंत्री हुए हैं, लेकिन इनमें से कोई भी अगले चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सका. जमेशदपुर ईस्ट सीट से मुख्यमंत्री रघुवर दास (Raghubar Das) को बीजेपी के बागी नेता सरयू राय ने हार की कगार पर पहुंचा दिया. चुनाव में टिकट न मिलने के कारण पार्टी से बागी होकर उन्होंने जमशेदपुर ईस्ट से रघुवर दास के सामने ताल ठोक दी, शुरुआती चरणों में पीछे चलने के बाद उन्होंने बढ़त बना ली. इसके साथ ही रघवर दास झारखंड में 19 साल से चले आ रहे तिलिस्म को तोड़ने में नाकाम रहे.

अब तक चार बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं झारखंड में

झारखंड को बने हुए 19 हो चुके हैं. अब तक वहां पर चार बार चुनाव हो चुके हैं. पहली बार 2005 में चुनाव हुए. सबसे ज्यादा 30 सीटें बीजेपी के खाते में आईं, लेकिन सरकार झारखंड मुक्ति मोर्चा की अगुवाई में बनी. जेएमएम के मुख्यमंत्री बने शिबू सोरेन. लेकिन 10 दिन बाद ही उन्हें हटना पड़ा. अर्जुन मुंडा राज्य के मुख्यमंत्री बने. वह 12 मार्च 2005 से 14 सितंबर 2006 तक सीएम बने. उनके बाद निर्दलीय मधु कोड़ा के हाथ में सत्ता आई. 27 अगस्त 2008 को मधु कोड़ा ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद तत्कालीन जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन राज्य के सीएम बने. उन्हें 6 महीने में विधानसभा का सदस्य बनना था. मुख्यमंत्री रहते हुए शिबू सोरेन तमाड़ सीट से उप चुनाव में उतरे. उप चुनाव में शिबू सोरेन को झारखंड पार्टी के प्रत्याशी राजा पीटर ने 8,973 वोट से हरा दिया.

सीएम चेहरों के लिए 2014 का विधानसभा चुनाव सबसे बुरा

2014 विधानसभा चुनाव झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए बहुत बुरा साबित हुआ. बीजेपी, जेवीएम, जेएमएम और जेबीएसपी से ताल्लुक रखने वाले चार पूर्व सीएम चुनाव हार गए. 2014 के विधानसभा चुनाव में झारखंड के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी दो सीटों राजधनवार और गिरिडीह से चुनाव मैदान में उतरे, लेकिन दोनों सीटों पर उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा. केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं, लेकिन 2014 में खरसावां सीट से उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा था. 2014 में हेमंत सोरेन को झारखंड का मुख्यमंत्री रहते हार का सामना करना पड़ा. 2014 में हेमंत दो विधानसभा सीटों से मैदान में उतरे. दुमका और बरहेट. हेमंत बरहेट से तो चुनाव जीत गए, लेकिन दुमका सीट से उन्हें लुइस मरांडी ने हरा दिया.

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