पॉलिटिक्स

राज्यों को सीएए-एनपीआर लागू करना ही होगा : सुशील मोदी

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि देश का कोई भी राज्य सीएए ( नागरिकता संशोधन कानून ) और एनपीआर (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर) को लागू करने से इनकार नहीं कर सकता है। बंगाल, केरल हो या देश का कोई भी राज्य, हिम्मत है तो वह घोषणा करे कि वह इसे लागू नहीं करेगा। यह असंवैधानिक होगा। जहां तक बिहार का सवाल है, 1 5 से 28 मई के बीच एनपीआर का काम शुरू होगा। पहले चरण में मकानों का सूचीकरण व गणना होगा।

शनिवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री ने तत्कालीन गृहमंत्री पी चिदम्बरम का वीडियो भी दिखाया जिसमें एनपीआर और एनआरसी लागू करने की बात कही गई थी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के समय से ही एनपीआर लागू है। अभी इसे अपडेट किया जा रहा है। आधार नंबर सहित अन्य जानकारी के लिए कुछ कॉलम बढ़ाए गए हैं। इसमें केवल जानकारी मांगी जाएगी, दस्तावेज नहीं। यह जनगणना का ही एक हिस्सा है। इससे इनकार करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को जेल तक का प्रावधान है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देश में रह रहे लोगों की संख्या, उनके पास उपलब्ध संसाधनों का डाटा बनने पर ही सरकार विकासात्मक योजनाएं बनाती है। जातीय जनगणना के सवाल पर कहा कि बिहार विधानमंडल से सर्वसम्मत प्रस्ताव केंद्र को भेजा जा चुका है। इसका विरोध करने वाले कांग्रेस व वामदल भूल रहे हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वाम नेता प्रकाश करात, वासुदेव आचार्य इसकी मांग कर चुके हैं।

सीएए का विरोध करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बंगलादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित किया जा रहा है। 1947 में पाकिस्तान में 23 फीसदी, बंगलादेश में 22 फीसदी तो अफगानिस्तान में दो लाख हिंदू थे। 2011 में इनकी संख्या क्रमश: 3.7 फीसदी, 7.8 फीसदी और 500 ही रह गए। पाकिस्तान के ननकाना साहिब में जगजीत कौर का अपहरण कर धर्मान्तरण किया गया। पाकिस्तान के मुसलमान गुरुद्वारा को तोड़कर मस्जिद बनाने की बात कर रहे हैं। इन्हीं प्रताड़ित हिन्दुओं को नागरिकता देने के लिए सीएए लाया गया है। इससे किसी की नागरिकता नहीं छीनेगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में एक भी हिंदू शरणार्थी नहीं है फिर भी राजद व कांग्रेस जैसी पार्टियां हिंसक बंद का सहारा ले रही है। एक सम्प्रदाय विशेष को भड़का रही है। पीएम साफ कर चुके हैं कि फिलहाल एनआरसी पर कोई काम नहीं हो रहा है। इसलिए इसे नाहक तूल दिया जा रहा है। मौके पर पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा, पूर्व विधायक प्रेमरंजन पटेल, देवेश कुमार, प्रमोद चंद्रवंशी, अजीत चौधरी, निखिल आनंद सहित अन्य नेता मौजूद थे।

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