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एसबीआई ने यस बैंक में हिस्‍सेदारी खरीदने में दिलचस्‍पी दिखाई

निवेशक बैंक 3 साल के लिए 49 फीसदी हिस्‍सेदारी ले सकता है

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की यस बैंक पर पाबंदी की कार्रवाई के बाद ग्राहकों में बेचैनी बढ़ गई है. हालांकि, सरकार की ओर से बार-बार खाताधारकों को पैसे सुरक्षित रहने का भरोसा दिलाया जा रहा है. इस बीच, यस बैंक के लिए आरबीआई ने री-स्‍ट्रक्‍चरिंग प्‍लान का ऐलान किया है. ये प्‍लान एक महीने के भीतर ही लाया जाएगा. इस प्‍लान को सुझाव के लिए एसबीआई और यस बैंक को भेज दिया गया है.

इस बीच, वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर यस बैंक के संकट पर विस्‍तार से बात की. उन्‍होंने बताया कि एसबीआई ने यस बैंक में हिस्‍सेदारी खरीदने में दिलचस्‍पी दिखाई है. निवेशक बैंक अगले तीन साल के लिए 49 फीसदी हिस्‍सेदारी ले सकता है.वहीं अपनी हिस्‍सेदारी 26 फीसदी से कम नहीं कर सकता है.

क्‍या है संकट की वजह?

निर्मला सीतारमण ने बताया‍ कि यस बैंक द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था. बैंक ने जोखिम भरे क्रेडिट निर्णय लिए थे. यस बैंक ने अनिल अंबानी, एसेल ग्रुप, डीएचएफएल, वोडाफोन जैसी कंपनियों को लोन दिया जो डिफॉल्ट हुए हैं. ये सभी मामले 2014 से पहले यानी यूपीए शासनकाल के हैं.

-निर्मला सीतारमण ने कहा, मैंने RBI से आकलन करने के लिए कहा है कि बैंक में इन कठिनाइयों का क्या कारण है. इसके साथ-साथ समस्या के लिए व्यक्तिगत रूप से कौन ज़िम्मेदार हैं, उनकी पहचान की जाए.

– यस बैंक में जमा राशि और देनदारियां प्रभावित नहीं होंगी. कम से कम एक साल के लिए बैंक में काम करने वालों का रोजगार और वेतन सुनिश्चित किया जाएगा.

– निर्मला सीतारमण ने बताया कि यस बैंक के मामले को लेकर वह मई 2019 के बाद से ही आरबीआई के संपर्क में थीं. वहीं सितंबर 2019 से यस बैंक पर सेबी की नजर है. बता दें कि सेबी शेयर बाजार को रेग्‍युलेट करता है.

– निर्मला सीतारमण ने बताया कि साल 2017 से आरबीआई, यस बैंक पर निगरानी कर रहा था. वहीं 2018 में केंद्रीय बैंक ने यस बैंक में गड़बड़ी की पहचान कर ली थी, जबकि 2019 में यस बैंक पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था.

पैसा डूबने नहीं दिया जाए

इससे पहले निर्मला सीतारमण ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए खाताधारकों को भरोसा दिया है कि उनका पैसा डूबने नहीं दिया जाएगा. निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैंक के खाताधारकों का पैसा सुरक्षित है. खाताधारकों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है. वित्त मंत्री ने कहा कि रिजर्व बैंक के अधिकारी समस्या का समाधान निकालने में जुटे हुए हैं.

सबसे बुरे दौर में यस बैंक का शेयर

इस हालात में यस बैंक के शेयर में 70 फीसदी से अधिक की गिरावट आई और यह 16.55 अंक पर बंद हुआ. वहीं कारोबार के दौरान यस बैंक का शेयर 5.55 रुपये के भाव तक आ गया. यह यस बैंक का ऑल टाइम लो लेवल है. वहीं बैंक का मार्केट कैप 3, 306 करोड़ रुपये पर आ गया है. बता दें कि गुरुवार को यस बैंक का मार्केट कैप 9 हजार करोड़ से अधिक था. इस तरह, सिर्फ 1 दिन में मार्केट कैप में 6 हजार करोड़ से अधिक की गिरावट आई है.

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