क्रिकेट

‘बेस्ट क्रिकेटर’ की तुलना पर हंसते थे सचिन और मैं: ब्रायन लारा

नई दिल्ली
‘प्रिंस ऑफ त्रिनिदाद’ के नाम से मशहूर दिग्गज क्रिकेटर ब्रायन लारा को रिटायर हुए एक दशक बीत चुका है लेकिन उनके फैंस दुनिया भर में मौजूद हैं। कुछ ऐसे रेकॉर्ड रहे जो वेस्ट इंडीज के महानतम क्रिकेटरों में शुमार ब्रायन लारा ने 17 साल के अपने इंटरनैशनल करियर में नहीं तोड़े। उनकी तुलना कई बार भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर से भी की गई लेकिन लारा ने कहा कि जब भी इस तरह की तुलना होती थी तो वह और सचिन हंसते थे।
लारा का फैन बेस आज भी काफी मजबूत है। वह जहां भी जाते हैं, फैंस और मीडिया पीछे रहते हैं। वह कुछ कहते हैं तो हेडलाइंस बनती है। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने उनके साथ दिल्ली में काफी बातचीत की।
तुलना पर हंसते थे
90 के दौर में क्रिकेट फैंस के बीच एक ही बात की चर्चा होती थी, कौन दुनिया का बेस्ट बल्लेबाज है- लारा या तेंडुलकर। लारा से जब इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि कोई क्रिकेटर इस तरह की तुलना पर ध्यान देता है। मैं और सचिन, जब भी इस तरह की तुलना के बारे में बात करते थे तो जोक बनाते थे, हंसते थे। ऐसा कई बार हुआ।’
लारा ने कहा, ‘हम दोनों (सचिन और वह) बहुत अच्छे दोस्त हैं और अब दोनों आगे बढ़ चुके हैं। अब काफी दिग्गज मैदान में हैं और हम उन्हें देखना पसंद करते हैं।’
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विराट-स्मिथ के बीच तुलना गलत
टीम इंडिया के कैप्टन विराट कोहली और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव स्मिथ के बीच भी ‘बेस्ट’ की तुलना होती है। इस पर लारा ने हंसते हुए कहा, ‘मुझे इसके पीछे कोई कारण नजर नहीं आता। मुझे नहीं लगता कि कोहली जब कोई टेस्ट सीरीज खेलते होंगे तो सोचते होंगे कि दूसरी जगह स्मिथ क्या कर रहे हैं। जब भी आप देश के लिए खेलते हैं, तो आप अपना बेस्ट देने की कोशिश करते हैं।’

राष्ट्रपति कोविंद के साथ ब्रायन लारा (तस्वीर- PIB)
उन्होंने कहा, ‘तुलना मीडिया और फैंस के लिए अच्छी हो सकती है लेकिन मुझे नहीं लगता कि कोई भी क्रिकेटर इस पर ध्यान नहीं देता होगा। वे बेस्ट होना चाहते हैं, जो वे हो सकते हैं।’
रेकॉर्ड तोड़ना है तो अटैकिंग बनो
डेविड वॉर्नर ने हाल में 335 रन की टेस्ट पारी खेली थी और वह ब्रायन लारा के 400 रन की निजी टेस्ट पारी के रेकॉर्ड की ओर बढ़ रहे थे। जब लारा से इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘सबसे पहली बात यह किस्मत की बात थी। डेविड वॉर्नर को केवल 10-15 और चाहिए थे, जिसके बाद उनके नाम रेकॉर्ड हो जाता। रेकॉर्ड तोड़ने के लिए आपको एक अटैकिंग प्लेयर होना पड़ता है।’

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