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मनमोहन सिंह के बाद प्रियंका गांधी को राजस्थान से राज्यसभा भेजने की तैयारी

फिरोज सैफी/ जयपुर।
राज्य में अप्रेल माह में खाली हो रही तीन राज्यसभा सीटों के चुनाव को लेकर कवायद तेज हो गई है। सत्तारूढ़ कांग्रेस और प्रमुख विपक्षी दल भाजपा में राज्यसभा चुनाव के संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन शुरू हो गया है। इन तीनों ही सीटों पर भाजपा का कब्जा था, लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद अब संख्या बल के लिहाज से दो सीट कांग्रेस और एक सीट भाजपा के खाते में जा सकती है।
सत्तारूढ़ कांग्रेस की बात करें तो राज्यसभा सीटों पर केंद्र की नेताओं की नजर है। कांग्रेस के विश्वसत्त सूत्रों की माने यहां से राज्सभा सीट के लिए केंद्रीय नेताओं के नाम पर मंथन हो रहा है। इनमें सबसे पहला नाम कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी का लिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के ज्यादातर विधायक भी उनके पक्ष में हैं।
सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी इस पर पार्टी के आला नेताओं से चर्चा कर चुके हैं। हालांकि नामों का लेकर फाइनल निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की लेंगी। प्रियंका गांधी के अलावा मुकुल वासनिक का भी नाम भी चर्चा है। वहीं एक सीट पर प्रदेश के अल्पसंख्यक वर्ग को प्रतिनिधित्व देने की चर्चा है।
गौरतलब है है कि लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 25 सीटों पर सूपड़ा साफ होने के बाद न तो राज्यसभा और न ही लोकसभा में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व था। अगस्त 2019 में राज्यसभा उपचुनाव में जीत दर्ज कांग्रेस की संसद में एंट्री हुई थी।

ये भी एक वजह
विश्वस्त सूत्रों की माने तो प्रियंका गांधी को राजस्थान से राज्यसभा भेजने का चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रियंका गांधी को यहां से सासंद बनाकर अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहते हैं।
इन नेताओं की हो रही है सीट खाली
अप्रेल माह में राज्यसभा सदस्य विजय गोयल, नारायण लाल पंचारिया और रामनारायण डूडी का छह वर्ष का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। तीनों भाजपा के नेता है। इनमें से गोयल मूलत दिल्ली से है, जबकि डूडी और पंचारिया राजस्थान के ही है।
जून 2019 तक था सभी 10 सीटों पर भाजपा का कब्जा
प्रदेश की राज्यसभा की सभी 10 सीटों की बात करें तो 23 जून 2019 तक प्रदेश की सभी 10 सीटों पर भाजपा का कब्जा था, लेकिन 24 जून 2019 को भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन लाल सैनी का देहांत होने से खाली हुई सीट पर अगस्त माह में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया, भाजपा की ओर से उम्मीदवार खड़ा नहीं करने के चलते सिंह का निर्विरोध निर्वाचन हुआ।
ये रहेगा चुनाव का गणित
राज्यसभा सीट पर चुनाव की बात करें 200 सदस्य वाली मौजूदा विधानसभा में सत्तारूढ़ कांग्रेस को 101 सीटें मिलीं हैं, लेकिन 6 बसपा विधायकों के भी कांग्रेस में शामिल होने पर ये संख्या 107 हो जाती है। इसके अलावा बीजेपी 72, माकपा 2, रालोपा-3, बीटीपी-2, निर्दलीय-13 और और लोकदल को एक सीट है।
संख्याबल के लिहाज से तीन में से दो सीटें कांग्रेस के खाते में जा सकती है। क्योंकि माकपा, लोकदल, बीटीपी और 12 निर्दलीय भी कांग्रेस के पक्ष में वोट कर सकते हैं। वहीं भाजपा के खाते में केवल एक ही सीट जा सकती है, भाजपा को केवल हनुमान बेनीवाल की पार्टी रालोपा का ही साथ मिल सकता है।

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