पॉलिटिक्स

‘पलटू राम कहना ठीक नहीं’, ऐसा कहकर नीतीश के बारे में क्या बोले प्रशांत किशोर?

चुनावी रणनीति बनाने में माहिर माने जाने वाले जेडीयू नेता प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि बिहार में भाजपा के साथ सीटों के बंटावारे का आधार 2015 का चुनाव नहीं, 2010 का विधानसभा चुनाव होगा, जब बीजेपी और जेडीयू मिलकर चुनाव लड़े थे। एबीपी न्यूज के मुताबिक उन्होंने कहा है कि ‘अभी तो चुनाव में एक साल का वक्त है। एनडीए गठबंधन में जदयू सबसे बड़ी पार्टी है,इसलिए सीटों के तालमेल में उसकी बड़ी भागेदारी होगी। बीजेपी के साथ लड़ने के समय जो फॉर्मूला था (2010 वाला) वही रहेगा।’ उन्होंने कहा है, ‘इस हिसाब से 101 सीटों पर बीजेपी और 140 या 141 सीट पर जेडीयू चुनाव लड़ सकती है।’

हालांकि, रामविलास पासवान की पार्टी एलजेपी को तालमेल के तहत कितनी सीटें मिलेंगी इसपर उन्होंने कहा है कि इसके बारे में बीजेपी और जदयू मिलकर फैसला करेंगी। भाजपा पर दबाव बनाते हुए उन्होंने कहा है कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में तालमेल का आधार अलग-अलग होता है और उन्होंने यहां तक दावा किया है कि दोनों दलों में सीटों का बराबर बंटवारे का सवाल ही पैदा नहीं होता। हालांकि, झारखंड में पार्टी की मिट्टी पलीद होने पर उन्होंने सफाई दी कि वहां जेडीयू का कोई आधार ही नहीं था औऱ सिर्फ बैनर-पोस्टर के दम पर चुनाव नहीं लड़े जा सकते।

इस दौरान दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की रणनीति तैयार करने में जुटे किशोर ने नीतीश पर मौकापरस्ती के आरोपों पर भी सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि उनको (नीतीश को) ‘पलटू राम कहना ठीक नहीं है। ये महज राजनीतिक तुकबंदी है। नीतीश कुमार पलटू राम नहीं हैं।’ उनकी दलील है कि देश की कोई भी ऐसी राजनीतिक पार्टी नहीं है, जिसने अपने सहयोगियों को न बदला हो।

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