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कश्मीर के युवाओं को कट्टरपंथ से मुक्ति दिलाने वाले सीडीएस रावत के बयान पर भड़के ओवैसी

हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत पर निशाना साधा है। सीडीएस रावत ने कहा था कि 10 साल के लड़के और लड़कियों को कट्टरपंथी बनाया जा रहा है। उन्हें इस कट्टरपंथ से मुक्ति दिलाने वाले शिविरों में ले जाने की आवश्यकता है।

हैदराबाद के सांसद ने कई ट्वीट करते हुए कहा, ‘भीड़ हिंसा करने वाले और उनके आकाओं को कट्टरपंथ से कौन मुक्ति दिलाएगा? असम के बंगाली मुसलमानों के लिए नागरिकता का विरोध करने वालों के बारे में क्या? शायद ‘बदला’ योगी और ‘पाकिस्तान जाओ’ कहने वाले मेरठ के एसपी को कट्टरपंथ से मुक्ति दिलाई जाएगी? शायद उन लोगों को कट्टरपंथ से दूर किया जाएगा जो एनपीआर-एनआरसी के जरिए हमारे ऊपर मुसीबतें थोप रहे हैं?’  

दूसरे ट्वीट में हैदराबाद के सांसद ने कहा, ‘यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने इस तरह का बेतुका बयान दिया है। नीतियों का निर्धारण नागरिक प्रशासन करता है न की कोई जनरल। नीतियों/ राजनीति पर बोलकर वह नागरिक वर्चस्व को कम कर रहे हैं।’ 2020 रायसीना डायलॉग के दौरान जनरल रावत ने कश्मीर के युवाओं का जिक्र किया था जिसे लेकर एआईएमआईएम के अध्यक्ष ने उनपर हमला बोला है।

जनरल रावत ने कहा था, ‘हमें कट्टरपंथ से मुक्ति दिलाने वाले कार्यक्रम शुरू करने चाहिए जिनसे पहचान हो सके की कौन-कौन लोग कट्टरपंथी हैं और किस हद तक हैं। फिर उन्हें देखें जो पूरी तरह कट्टरपंथी है और उनका भविष्य क्या है। हम आज कश्मीर मे जो देख रहे हैं, 10 साल के लड़के और लड़कियों को कट्टरपंथी बनाया जा रहा है लेकिन उन्हें इससे दूर किए जाने की आवश्यकता है।’

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