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PM Modi के एलान पर Pakistan जा रहे पानी को Rajasthan लाने का काम शुरू

भवनेश गुप्ता / जयपुर। पाकिस्तान में जा रहे पानी में से 6 हजार क्यूसेक पानी राजस्थान में लाने से जुड़ा काम आखिर शुरू हो ही गया। पंजाब में सरहिन्द फीडर को सुधारने का काम चल रहा है, जिस पर 97 करोड़ रुपए खर्च होंगे। राजस्थान सरकार ने इसके लिए अपने हिस्से के 66.47 करोड़ रुपए के अतिरिक्त बजट की स्वीकृति जारी कर दी है। राजस्थान के जल संसाधन विभाग ने जल्द काम शुरू करने की जरूरत जताई, जिसके बाद पंजाब सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी। यहां सरहिन्द और राजस्थान फीडर है। इन दोनों फीडर के 197 किलोमीटर लम्बाई में काम होगा, जिसकी लागत 1976 करोड़ रुपए है। पहले सरहिन्द फीडर को सुधारा जाएगा, जिसके लिए अलग-अलग 20 टेंडर हो चुके हैं।। इसमें आने वाले खर्चे का 60 प्रतिशत हिस्सा केन्द्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राजस्थान सरकार वहन करेगी। दोनों फीडर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से गुजर रहे हैं। यह काम पूरा होने के बाद राजस्थान को छह हजार क्यूसेक अतिरिक्त पानी मिलने लगेगा। इस काम में 3 वर्ष लगेंगे। राजस्थान और पंजाब में खेतों की सिंचाई करने में काम आ सकने वाला हजारों क्यूसेक पानी पाकिस्तान की तरफ बह रहा है, कारण यहां नहरें और फीडर की स्थिति बहुत ज्यादा सही नहीं है।

अभी 12 हजार क्यूसेक ही पानी मिल रहा
इंदिरा गांधी नहर के जरिए यहां 18500 क्यूसेक पानी लाया जा सकता है, लेकिन फीडरों की स्थिति सही नहीं होने के कारण करीब 12 हजार क्यूसेक पानी ही आ पा रहा है। इस मामले में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने पिछले दिनों ही पंजाब सरकार के संबंधित अफसरों से बात भी की।
3200 करोड़ से नहर होगी ठीक, बढ़ेगी क्षमता
छह हजार क्यूसके पानी इंदिरा गांधी नहर में लाने के लिए उसकी क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ मौजूदा स्ट्रक्चर को ठीक करने की भी जरूरत है। इसके बिना अतिरिक्त पूरा पानी नहीं लाया जा सकता है। इस काम पर करीब 3200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। जल संसाधन विभाग ने इसमें से करीब 1 हजार करोड़ रुपए के काम के लिए निविदा जारी कर दी है।
यह है स्थिति
-फिरोजपुर फीडर को पंजाब और राजस्थान के किसानों की लाइफ लाइन माना जाता है। इसकी क्षमता 11,192 क्यूसेक की है, लेकिन नहर में 7500 क्यूसेक से ज्यादा पानी नहीं छोड़ा जा सकता है।
-यही हालत इंदिरा गांधी नहर की है। इसकी मूल क्षमता 18500 क्यूसेक रही, लेकिन 12 हजार क्यूसेक ही पानी चल पाता है।
-इसी तरह गंगनहर की क्षमता 3000 क्यूसेक की है, लेकिन यह 2400 -2500 क्यूसेक से ज्यादा पानी नहीं ले पाती। यही कारण अतिरिक्त पानी पाकिस्तान जा रहा है।

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