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नासा ने किया ट्वीट चांद की सतह पर विक्रम लैंडर का पता चला।।

नई दिल्ली : नासा ने कहा है कि उन्हें चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान 2 (Chandryaan 2) का विक्रम लैंडर मिल गया है. नासा (NASA) ने इसकी तस्वीर भी ट्वीट की है. 7 सितंबर को निर्धारित समय से कुछ समय पहले लैंडर ने संपर्क खो दिया था. नासा ने अपने लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर द्वारा क्लिक की गई छवियों को भी जारी किया. यह साइट और संबंधित मलबे के क्षेत्र को दर्शाता है. नासा ने एक बयान में कहा, “शनमुगा शानमुगा द्वारा मुख्य दुर्घटनास्थल के उत्तर-पश्चिम में लगभग 750 मीटर की दूरी पर स्थित मलबे को पहले मोज़ेक (1.3 मीटर पिक्सल, 84 डिग्री घटना कोण) में एक एकल उज्ज्वल पिक्सेल पहचान थी. नवंबर मोज़ेक सबसे अच्छा दिखाता है. मलबे के तीन सबसे बड़े टुकड़े 2×2 पिक्सेल के हैं.”

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बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार ने चंद्रयान 2 (Chandryaan 2) के विक्रम लैंडर (Vikram Lander) की चंद्रमा की सतह पर हार्ड लैंडिंग के कारणों की जानकारी दी थी. लोकसभा (Lok Sabha) में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh), जो अंतरिक्ष विभाग को देखते हैं ने कहा कि डिसेंट के दौरान विक्रम लैंडर के वेग में कमी तय मापदंडों से अधिक थी और इस वजह से उसकी हार्ड लैंडिंग हुई. 

ऑर्बिटर से मिली ताजा फोटो में हमें…

उन्होंने कहा था, “चांद की सतह से 30 किलोमीटर से 7.4 किलोमीटर की दूरी के बीच डिसेंट का पहला फेज किया गया था. इस दौरान वेग 1,683 मीटर प्रति सेकंड से घटाकर 146 मीटर प्रति सेकेंड कर दिया गया था. इसके बाद डिसेंट के दूसरे फेज में वेग में कमी डिजाइन किए गए मूल्य से ज्यादा थी. इस वजह से दूसरे फेज के शुरुआती चरण की परिस्थिति, डिजाइन किए गए मापदंडों से अलग थी. इस कारण तय लैंडिंग साइट के 500 मीटर के दायरे में विक्रम की हार्ड लैंडिंग हुई.” 

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