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लखनऊ: 1989 के बाद कांग्रेस पूरी ताकत से लड़ेगी पंचायत चुनाव, बनाई 13 लोगों की कमेटी

लखनऊ. उत्‍तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में इसी साल होने वाले पंचायत चुनावों (Panchayat Elections) के लिए भी कांग्रेस पार्टी ने कमर कस ली है. विधानसभा उपचुनावों (Assembly by-elections) में वोट प्रतिशत में इजाफे से कांग्रेस (Congress) की बांछें खिली हुई हैं. बता दें कि पिछले दिनों 11 सीटों पर हुए विधानसभा के उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के मुकाबले अपना वोट शेयर लगभग दुगना कर लिया है. हालांकि उसे एक भी सीट नसीब नहीं हुई थी. फिर भी इसे पार्टी अपने बढ़ते हुए ग्राफ के रूप में देख रही है. देखा जाए तो प्रियंका गांधी के यूपी की बागडोर संभालने के बाद हर चुनाव कांग्रेस के लिए अहम हो गया है.

1989 के बाद शायद ये पहली मर्तबा होगा जब कांग्रेस पार्टी इतनी तन्मयता से पंचायत चुनावों में फतह हासिल करने के लिए जद्दोजहद करती दिख रही है. इसके लिए पार्टी ने 13 सदस्यों का एक ग्रुप भी बनाया है जिसका काम न सिर्फ चुनावी तैयारी को धार देना है बल्कि पंचायत चुनावों में काबिल उम्मीद्वारों को चुनना भी है.

इसी साल होने हैं पंचायत चुनाव

इसी साल उत्‍तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में होने हैं. हालांकि राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में अभी इसकी कोई हलचल नहीं दिखाई दे रही है. ऐसे में अंदाजा लगाता जा रहा है कि ये चुनाव इस साल के अंत तक भी हो सकते हैं. राज्य निर्वाचन आयोग के अपर निर्वाचन आयुक्त वेद प्रकाश वर्मा ने न्यूज़ 18 को बताया कि चुनाव अक्टूबर-नवम्बर में कराये जा सकते हैं. इसके लिए अगले महीने से वोटर लिस्ट बनाया जाने काम शुरू किया जाएगा.

प्रियंका गांधी के सहारे…

वैसे तो पंचायत चुनाव पार्टियों के सिम्बल पर नहीं होते हैं, लेकिन पार्टियां अपने समर्थित उम्मीद्वार के तौर पर हमेशा इस इलेक्शन में अपनी जीत हासिल करती रही हैं. जबकि कांग्रेस भी अब इस रेस में कूद गई है. बता दें कि प्रियंका गांधी के यूपी की बागडोर संभालने के बाद हर चुनाव कांग्रेस के लिए अहम हो गया है. वैसे भी प्रियंका की टीम की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि गांव के स्तर पर कार्यकर्ताओं की टीम को खड़ा किया जाए. इस नजरिए से पंचायत के चुनाव उसके लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं.

यूपी में इतनी हैं ग्राम पंचायतें

बहरहाल, पंचायतों के प्रतिनिधि ग्रामीण स्तर पर पहले राजनीतिक लोग होते हैं जो बड़ी संख्या में वोटों को प्रभावित करने की कुव्वत रखते हैं. ऐसे में सभी पार्टियों की कोशिश रहती है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में उनके समर्थित कार्यकर्ता पंचायत का चुनाव जीतें. जबकि उत्‍तर प्रदेश में 59 हजार 74 ग्राम पंचायतों के अलावा 821 क्षेत्र पंचायतें और 75 जिला पंचायतें हैं.

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