पॉलिटिक्स

कांग्रेस के ‘डांवाडोल’ होने की बढ़ ही धारणा, सुलझाना ही होगा नेतृत्व का मुद्दा: थरूर

यदि राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद पर वापस नहीं लौटते हैं तो पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए ‘सक्रिय और पूर्णकालिक नेतृत्व’ तलाशना होगा। पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए नेतृत्व का मुद्दा हल करना ही होगा। यह कहना है कांग्रेस नेता शशि थरूर का। थरूर ने यह बात एक साक्षात्कार के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि ऐसी धारणा बढ़ रही है कि कांग्रेस ‘डांवाडोल’ हो रही है। पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए नेतृत्व का मुद्दा हल करना ही होगा। थरूर ने कहा कि सीडब्ल्यूसी के चुनाव होने पर एक ऊर्जावान नेतृत्व टीम बनेगी, इससे पार्टी में राष्ट्रीय हित बढ़ सकता है।

यदि राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद पर वापस नहीं लौटते हैं तो पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए ‘सक्रिय और पूर्णकालिक नेतृत्व’ तलाशना होगा। पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए नेतृत्व का मुद्दा हल करना ही होगा। यह कहना है कांग्रेस नेता शशि थरूर का। थरूर ने यह बात रविवार को एक साक्षात्कार के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि ऐसी धारणा बढ़ रही है कि कांग्रेस ‘डांवाडोल’ हो रही है। पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए नेतृत्व का मुद्दा हल करना ही होगा। थरूर ने कहा कि सीडब्ल्यूसी के चुनाव होने पर एक ऊर्जावान नेतृत्व टीम बनेगी, इससे पार्टी में राष्ट्रीय हित बढ़ सकता है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अपनी पार्टी को सलाह देते हुए कहा कि लोगों में कांग्रेस के ‘डांवाडोल’ होने की बढ़ रही धारणा को दूर करने के लिए पार्टी को अपने नेतृत्व का मुद्दा शीर्ष प्राथमिकता पर हल करना चाहिए। पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए दीर्घकालिक अध्यक्ष को लेकर अनिश्चितता का समाधान करना सबसे महत्वपूर्ण है।

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