बॉलीवुड

करीना, दीपिका और सारा पर बोले इम्तियाज अली, औरतें मर्दों से ज्यादा होशियार होती हैं

छोटे परदे के धारावाहिकों से निर्देशक की शुरुआत करने वाले जमशेदपुर के इम्तियाज अली बड़े परदे के स्थापित निर्देशक हैं। आशिकी उनकी मिजाज में भी है और उनकी फिल्मों का चटख रंग भी। वैलेंटाइंस डे पर उनकी फिल्म लव आज कल रिलीज हो रही है। इम्तियाज से ये खास बातचीत की पंकज शुक्ल ने।

दरअसल, मैंने इतने सारे प्रेम करने चाहे हैं। फिल्मों में अक्सर चाहत व्यक्त होती है, तजुर्बा नहीं। तो लिखते समय या फिल्माते समय बहुत सी चीजें आपकी इच्छाएं होती हैं, जिन्हें आपने अलग-अलग वक्त पर अपने लिए सोचा या किया होता है। मैंने जिंदगी में जो कुछ देखा है, मेरी फिल्में उसी कहानी का टूटा-फूटा प्रतिबिंब होती हैं।

लव आज कल’ प्रेम की ऐसी धारणा है, जिसे मैं एक फ्रेंचाइजी की तरह देखता हूं। मेरा मानना है कि समय के साथ प्यार करने की प्रक्रिया भी बदल जाती है। पिछले 10 साल में युवाओं ने प्रेम की परिभाषा को ही बदल कर रख दिया है। पहले के समय में किसी भी प्रेम में शारीरिक संबंध आखिरी पड़ाव होता था लेकिन अब तो शुरुआत ही वहीं से होती है और, फिर भी कोई गारंटी नहीं कि ये रिश्ते को बनाए रखेंगे। मेरी पिछली ‘लव आज कल’ में जो आज था वह अब कल बन चुका है और एक नया आज खड़ा है। ऐसे में ये नई कहानी, नए किरदारों के साथ जेहन में आती है।

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