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आईएमएफ, पाकिस्तान सरकार 6 अरब डालर के राहत पैकेज की दूसरी समीक्षा पर सहमत

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि उसके और पाकिस्तान के बीच 6 अरब डालर के राहत पैकेज की दूसरी समीक्षा को लेकर सहमति बन गई है। नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को राहत पैकेज की दूसरी समीक्षा पर खरा उतरने के लिये नीतियों और सुधारों के क्षेत्र में जरूरी कदम उठाने होंगे। मीडिया रिपोर्ट में शुक्रवार को यह कहा गया है।

पाकिस्तान का वित्त मंत्रालय अगस्त 2018 में राहत पैकेज के लिये आईएमएफ के पास पहुंचा था। आईएमएफ का कार्यकारी निदेशक मंडल पिछले साल जुलाई में पाकिस्तान को राहत पैकेज देने के लिये सहमत हुआ था। इसके तहत पाकिस्तान को 39 महीने की विस्तारित व्यवस्था के तहत छह अरब डॉलर की आर्थिक मदद देने को मंजूरी दी गयी थी।

स्थानीय डॉन अखबार ने आईएमफ के पाकिस्तान मिशन के प्रमुख एर्नेस्टो रामिरेज रिगो के हवाले से कहा, ‘‘आईएमएफ के अधिकारी विस्तारित कोष सुविधा के तहत दी जा रही मदद के लिये जरूरी नीतियों एवं सुधारों की दूसरी समीक्षा के लिये पाकिस्तान के साथ अधिकारी स्तर की सहमति पर पहुंचे हैं।’’

खबर में कहा गया कि रिगो ने पिछले दो सप्ताह के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार हाफिज शेख, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के गवर्नर रेजा बकीर और वित्त सचिव नवीद कामरान बलूच के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिये चर्चा के बाद संक्षिप्त बयान में इसकी जानकारी दी। इस सहमति को आईएमएफ प्रबंधन की मंजूरी मिलनी शेष है। आईएमएफ का कार्यकारी निदेशक मंडल भी अप्रैल की शुरुआत में इसपर विचार करेगा।

यह दूसरा अवसर है जब आईएमएफ की टीम बेलआउट समझौते के तहत पाकिस्तान के प्रदर्शन की समीक्षा कर रही है। पाकिस्तान की बदहाल अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए आर्थिक मदद के रूप में इस बेलआउट पैकेज के लिए पिछले साल जुलाई में समझौता हुआ था।

पाकिस्तानी अखबार डॉन न्यूज ने आईएमएफ के मिशन प्रमुख अर्नेस्टो रामिरैस रिगो के हवाले से कहा है कि आईएमएफ स्टाफ और पाकिस्तानी अधिकारी दूसरी समीक्षा के लिए नीतियों और सुधारों के समझौते पर पहुंच गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पाक पीएम के वित्त व राजस्व सचिव के साथ हुई बैठक के बाद आईएमएफ प्रमुख रिगो ने इसकी घोषणा की।

आईएमएफ ने कहा कि समीक्षा पूरी होने पर पाकिस्तान को करीब 45 करोड़ डॉलर जारी किये जा सकेंगे। पाकिस्तान के अधिकारी समीक्षा के लिये आवश्यक नीतियों एवं सुधारों को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात के संकेत दिये हैं कि आईएमएफ कुछ ढील देने पर सहमत हुआ है। एक अधिकारी ने कहा कि कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें कम होने से भी पाकिस्तान को सुधारों के लिये कुछ सहारा मिलेगा।

इमरान खान ने हाल ही में वित्तीय वर्ष के शेष चार महीनों के दौरान बिजली और गैस की दरें अपरिवर्तित रहने की घोषणा की। यही नहीं, सरकार ने आगामी वित्त वर्ष के अपने बजट में आईएमएफ के 357 अरब डॉलर के ऋण को पहले ही जोड़ दिया है।

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