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रतुल पुरी की जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई 27 अप्रैल तक स्थगित

हाईकोर्ट ने बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में मोजर बेयर के पूर्व निदेशक व मध्यप्रदेश के सीएम के भांजे रतुल पुरी की जमानत को चुनौती देने वाली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर सुनवाई सोमवार को 27 अप्रैल तक स्थगित कर दी। ईडी ने अपनी याचिका में दलील दी है कि पुरी जमानत पर रहकर मामले से जुड़े साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकता है। यह मामला सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ओर से दर्ज कराया गया था।

न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर के समक्ष ईडी की ओर से पेश हुए एक कनिष्ठ वकील ने कहा कि अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल भोजनावकाश के बाद दलीलें रखेंगे। वहीं दूसरी ओर पुरी के वकीलों राजीव नायर और विजय अग्रवाल ने कहाकि वे भोजनावकाश के बाद उपलब्ध नहीं हो पायेंगे। इसके बाद अदालत ने याचिका पर सुनवाई 27 अप्रैल तक स्थगित कर दी।  

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने निचली अदालत के 13 दिसंबर, 2019 के जमानती आदेश को चुनौती दी है। निचली अदालत ने बिना अनुमति देश से बाहर न जाने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ तथा गवाहों को प्रभावित न करने की हिदायत दी थी। इस मामले में पुरी, उनके पिता दीपक पुरी और मां नीता (कमलनाथ की बहन) एवं अन्य के खिलाफ 354 करोड़ रूपये की बैंक ऋण धोखाधड़ी को लेकर केस दर्ज किया गया था। पुरी को उससे पहले अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदा मामले में जमानत मिली थी।

सीबीआई ने 354 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी मामले में रतुल पुरी व अन्य लोगों के खिलाफ 17 अगस्त 2019 को मुकदमा दर्ज किया था। इस रिपोर्ट के आधार पर ईडी ने एफआईआर दर्ज कर 20 अगस्त को रतुल पुरी को गिरफ्तार किया था।

ईडी ने अपनी जांच के बाद नवंबर 2019 में पुरी व उनकी कंपनी मोजर बेयर के खिलाफ धन शोधन रोकथाम अधिनियम की धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद निचली अदालत ने पुरी को सशर्त जमानत प्रदान की थी।

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