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घरेलू मांग बढ़ने पर ही तेज होगी विकास दर : मू़डीज

[: दुनिया की प्रख्यात रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत में घरेलू मांग में हो रही लगातार कमी को एक गंभीर समस्या के तौर पर चिन्हित किया है। मूडीज हाल के महीनों में कई बार भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष चुनौतियों को लेकर अपनी चिंता जता चुकी है। सोमवार को उसकी तरफ से जारी एक रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि देश की पूरी अर्थव्यवस्था में घरेलू मांग के महत्व को देखते हुए उसमें सुधार आये बिना बाकी हालात भी नहीं बेहतर होंगे। इसके साथ ही इसने यह भी कहा है कि अगर घरेलू मांग की स्थिति नहीं सुधरी तो इसका विपरीत असर देश के कई दूसरे कारोबारी क्षेत्रों पर पड़ेगा।
अर्थव्यवस्था की नाजुक स्थिति की तरफ ध्यान आकर्षित करने के साथ ही मूडीज ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान भारत की आर्थिक विकास दर घट कर 4.9 फीसद पर आ जाएगी। इसमें अगले वर्ष सुधार तो होगा लेकिन वह हाल के वर्षो में जीडीपी विकास दर के मुकाबले काफी कम होगी। पहले मूडीज ने विकास दर अनुमान के 5.8 फीसद रहने की बात कही थी। मूडीज के सहायक वाइस प्रेसिडेंट देबराह टैन का कहना है कि निवेश नहीं आने से मंदी की शुरुआत हुई थी लेकिन अब यह उपभोग को प्रभावित करना शुरु कर दिया है। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों की आय में खास बढ़ोतरी नहीं होने और रोजगार के अवसरों में वृद्धि नहीं होने से स्थिति और गंभीर हो गई है।

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