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पवन हंस सहित 33 बीमारू कंपनियों पर सरकार लगाएगी ताला

केंद्र सरकार जल्द ही पवन हंस समेत 33 बीमारू कंपनियों पर हमेशा के लिए ताला लगाने जा रही है। इन कंपनियों को बेचने की कोशिश कई सालों से हो रही है, लेकिन सरकार को इनके लिए अभी तक कोई खरीदार नहीं मिला है। इन कंपनियों का घाटा भी बढ़ता जा रहा है, जिससे सरकार पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
विनिवेश के लिए 1.05 लाख करोड़ का टारगेट

सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में विनिवेश के जरिए 1.05 लाख करोड़ रुपये अर्जित करने का लक्ष्य रखा है। इस विनिवेश में लाभ में चल रही कंपनियों के अलावा सरकार घाटे में चल रही कंपनियों को भी बेचना चाहती है। जहां एक तरफ एयर इंडिया घाटे में चल रही है, वहीं भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) काफी लाभ में है। इनमें से कई कंपनियों में सरकार अपनी हिस्सेदारी को पूरी तरह से खत्म करना चाहती है।
इन कंपनियों पर लगेगा ताला

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया कि जिन कंपनियों को सरकार पूरी तरह से बंद करेगी उनमें पवन हंस लिमिटेड, भारत पंप एंड कंप्रेसर, हिंदुस्तान एंटीबॉयोटिक्स, हिंदुस्तान फ्लूरोकॉर्बन, हिंदुस्तान न्यूजप्रिंट, होटल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और स्कूटर्स इंडिया शामिल हैं।
इन कंपनियों को बेचने के लिए सरकार पिछले कई सालों से कवायद कर रही थी, लेकिन कोई खरीदार नहीं मिला। इन कंपनियों को बेचने के लिए कई बार तारीख को आगे बढ़ाया गया। लेकिन अब सरकार इसको और आगे तक नहीं ले जाएगी।
सरकारी विमानन कंपनी पवनहंस में भी सैलरी संकट हो गया है। कंपनी को पिछले वित्त वर्ष में 89 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। पवनहंस हेलिकॉप्टर चलाती है। कंपनी के ऊपर फिलहाल करोड़ों रुपये का कर्ज है।
230 करोड़ रुपये की देनदारी

कंपनी पर 230 करोड़ रुपये के अलावा और भी कई देनदारियां बताई गई हैं। इससे आने वाले समय में कंपनी की हालत और खराब होने का डर है। कोशिश की जा रही है कि किसी तरह से फंड जुटाया जाए और कर्मचारियों की सैलरी देने के अलावा बाकी काम किए जाएं।

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