न्यू दिल्ली

फर्जी खबरें रोकने के लिए नागरिकता कानून के उद्देश्यों का प्रचार करे सरकार: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नागरिकता संशोधन कानून के उद्देश्यों, विषय व लाभ के व्यापक प्रचार प्रसार करने को कहा है ताकि इसको लेकर प्रसारित किए जा रही फर्जी खबरों पर लगाम लगाई जा सके। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने बुधवार को कानून के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई की। 

इस दौरान पीठ ने भाजपा नेता व वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय की दलील पर गौर करते हुए केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल को कानून के उद्देश्यों का प्रचार प्रसार के माध्यम पर विचार करने का निर्देश दिया। उपाध्याय ने कहा था कि वह कानून के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसको लेकर लोगों में भ्रम है। इसे दूर किए जाने की आवश्यकता है।

उपाध्याय ने पीठ को बताया कि वह दिल्ली के जामिया और सीलमपुर इलाके में गए थे, जहां कानून के विरोध में हिंसा भड़क गई थी। दोनों जगह उन्होंने पाया कि 95 फीसदी प्रदर्शनकारियों को कानून के बारे में सही जानकारी नहीं है। उन्हें लगता है कि यह कानून उनकी नागरिकता छीन लेगा। 

कुछ असामाजिक तत्व ऐसी फर्जी खबरें फैला रहे हैं। इस पर पीठ ने कहा कि उपाध्याय का आग्रह असामान्य लेकिन महत्वपूर्ण है। इस विचार किया जाना चाहिए। क्या आपको कोर्ट के आदेश की जरूरत है। इस पर वेणुगोपाल ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि हम इस पर विचार करने को तैयार हैं।

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