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जापानी जहाज पर फंसे चार भारतीयों को कोरोनावायरस, चीनी राष्ट्रपति ने बताया-सबसे बड़ी स्वास्थ्य आपदा

जापान तट के पास खड़े क्रूज पोत पर चालक दल के चार भारतीय सदस्यों में कोरोनावायरस की पुष्टि हुई है। भारतीय दूतावास ने रविवार को कहा कि सभी परिणाम आने के बाद जिन लोगों में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है उन्हें घर लाने में मदद की जाएगी। इस बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कोरोनावायरस को देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य आपदा बताया है। 

मुख्य कैबिनेट सचिव योशिहिदे सुगा ने कहा कि अनेक लोगों के जहाज से उतरने के बावजूद पोत पर 1,000 से अधिक यात्री और चालक दल के सदस्य अब भी मौजूद हैं। भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया, ‘दुर्भाग्य से, स्थानीय समयानुसार 12 बजे प्राप्त हुए परिणामों में चालक दल के चार भारतीय सदस्य जांच में पॉजीटिव पाए गए हैं।’

भारत की तरह ही जापान, यूक्रेन और फ्रांस के विमान वुहान से अपने नागरिकों को निकालना चाहते हैं। चीन ने उनको आने की अनुमति दे दी, जबकि भारत को अब भी इंतजार करा रहा है। भारत ने आरोप लगाया है कि कोरोना से प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री लेकर और वुहान में रह रहे भारतीयों को वापस लाने के लिए सैन्य विमान सी-17 भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी देने में चीन जानबूझकर देरी कर रहा है।

भारत ने 20 फरवरी को विमान वुहान भेजने का फैसला किया था, लेकिन क्लीयरेंस नहीं मिलने से विमान उड़ान नहीं भर सका। भारत के इन आरोपों पर दिल्ली में चीनी दूतावास के प्रवक्ता जी रोंग ने कहा, भारतीय विमान को वुहान जाने की मंजूरी देने में जानबूझकर देरी नहीं हो रही।

हुबेई प्रांत में महामारी गंभीर है। वहां के हालात बहुत खराब हैं। दोनों देशों के विभाग लगातार बातचीत कर रहे हैं। जानबूझकर मंजूरी न देने की बात सही नहीं है। वुहान कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित चीनी शहर है, जहां अब भी 100 से ज्यादा भारतीय फंसे हैं।

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