बिहार

मूल्यांकन कार्य रोक रहे वित्त रहित संस्थानों के शिक्षकों पर होगा एफआईआर, नहीं मिलेगा अनुदान

इंटरमीडिएट उत्तर पुस्तिका के मूल्याकन कार्य नहीं कर रहे शिक्षकों के प्रति सरकार ने और ज्यादा कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है। मूल्यांकन नहीं कर रहे या बाधा डालने वाले वित्त रहित अनुदानित शिक्षकों पर कार्रवाई होगी।

मूल्यांकन कार्य के लिए नियुक्ति पत्र देने के बाद इसे लेने से इनकार करने वाले या पत्र लेकर भी मूल्यांकन नहीं करने वाले शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ ही इन्हें अनुदान से वंचित करने का आदेश दिया गया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने शनिवार को सभी जिलों के डीएम, डीईओ और डीपीओ का पत्र भेजा है।

पत्र में कहा गया है कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति अधिनियम 1981 के तहत मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने और बाधा डालने वाले सभी प्रकार के शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज होगी। विभाग को सूचना मिल रही है कि वित्त रहित अनुदानित शिक्षक संघर्ष मोर्चा द्वारा हड़ताल की सूचना के क्रम में मूल्यांकन कार्य नहीं कर रहे हैं। साथ ही बाधा भी पहुंचा रहे हैं।

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