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भाजपा की 28 सीट आती तो भी रहते उसके ही साथ, नहीं देते कांग्रेस को समर्थन : रणजीत सिंह

जींद(जसमेर) : प्रदेश के बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि भाजपा को प्रदेश में 28 सीटें मिलती तो भी वह भाजपा का साथ देते और कांग्रेस को समर्थन किसी भी सूरत में नहीं देते। उन्होंने एक और खुलासा किया कि विधानसभा चुनावों की मतगणना से एक दिन पहले सी.एम. मनोहर लाल ने उनसे कहा था कि आप चुनाव जीत रहे हो। तब मैंने सी.एम. से कहा था कि भाजपा को 28 सीट मिली तो भी 29वीं सीट रणजीत सिंह की भाजपा के खाते में लिख लेना।
जींद जिले में आयोजित समारोह में मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे बिजली मंत्री ने सार्वजनिक मंच से कहा कि जब सरकार बन रही थी, तब पूर्व सी.एम.भूपेंद्र हुड्डा कभी चश्मा लगाकर और कभी चश्मा उतारकर देख रहे थे कि राजभवन में हर तरफ चौटाला नजर आ रहे हैं। डिप्टी सी.एम. दुष्यंत चौटाला से लेकर खुद वह और दुष्यंत की माता नैना चौटाला, इनैलो विधायक अभय सिंह चौटाला तथा कांग्रेस विधायक अमित सिहाग आदि सब चौटाला परिवार के हैं। भूपेंद्र हुड्डा को चारों तरफ चौटाला ही नजर आ रहे थे।
रणजीत सिंह ने कहा कि आज हरियाणा विधानसभा में चौटाला परिवार के 5 विधायक हैं। कांग्रेस के प्रति अपनी नाराजगी को सार्वजनिक करते हुए उन्होंने कहा कि वह बहुत लंबे समय तक कांग्रेस के साथ जुड़े रहे लेकिन उसने उनके साथ बहुत बड़ी नाइंसाफी की। वह कभी भी कांग्रेस में नहीं जाएंगे।
बीरेंद्र सिंह को कहा-आप ही नहीं चाहते इस्तीफा मंजूर हो
बिजली मंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता बीरेंद्र सिंह को मंच से उनकी ही भाषा में जवाब दिया। मंच से बोलते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि काम करवाने के लिए तजुर्बा और दम होना चाहिए। खाली मंत्रियों की नमस्ते और हां जी करने से काम नहीं होंगे। इस पर रणजीत सिंह ने कहा कि चौधरी साहब मैं सरकार में नया हूं। आप फिर भी बहुत पुराने हो लेकिन मैं इतना बताना चाहता हूं कि इतनी राजनीति मुझे भी आती है कि काम किस तरह करवाने हैं।
दरअसल बीरेंद्र सिंह ने निडानी गांव में पेयजल समस्या को लेकर कहा था कि वह समस्या के समाधान हेतु रणजीत सिंह के साथ धरने पर बैठ जाएंगे। इस पर रणजीत सिंह ने कहा कि वह बीरेंद्र सिंह को साथ लेकर सी.एम. से बात करेंगे और ऐसा नहीं है कि सी.एम. उनके कहने के बाद समस्या का समाधान नहीं करेंगे। बीरेंद्र सिंह द्वारा दिए गए इस्तीफे को लेकर जब यह कहा गया कि उनका इस्तीफा मंजूर करना इतना आसान नहीं है तो इसके जवाब में रणजीत सिंह ने कहा कि आपका इस्तीफा कभी का मंजूर हो जाता लेकिन आप ही नहीं चाह रहे कि इस्तीफा मंजूर हो।
दुष्यंत और विज के बीच मतभेदों पर कहा-दोनों सुलझे हुए नेता
प्रदेश के डिप्टी सी.एम. दुष्यंत चौटाला और कैबिनेट मंत्री अनिल विज के बीच चल रहे कानूनी विवाद से जुड़े एक सवाल पर बिजली मंत्री और दुष्यंत चौटाला के दादा रणजीत सिंह ने कहा कि दोनों सुलझे हुए नेता हैं। दोनों के बीच मतभेद जैसी कोई बात नहीं है और कोई विवाद होगा तो दोनों आपस में सुलझा लेंगे।

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