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पाक में बैठे आतंकियों से लगातार बातचीत करता था डीएसपी देविंदर सिंह, विदेशी सिमकार्ड बरामद

जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी देविंदर सिंह और पाकिस्तानी आतंकियों के बीच कथित संबंधों की कहानी अभी शुरू हुई है। एसआईटी के अलावा आईबी, रॉ और एनआईए जैसी एजेंसियां भी आरोपी डीएसपी और उनके साथ पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ करेंगी।

दौलत, साजिश और रुतबे का खेल, इस कहानी में अभी कई किरदार सामने आएंगे। प्रारंभिक पूछताछ में इतना खुलासा तो हो गया है कि डीएसपी देवेंद्र सिंह आतंकियों की मदद किसके कहने पर कर रहा था। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगना इरफान के साथ आरोपी डीएसपी की लंबी बातचीत होती रही है।

जांच में विदेशी सिमकार्ड के इस्तेमाल की बात भी सामने आ रही है। डीएसपी की बेशुमार दौलत, उसके रुतबे और आतंकी साजिश की कड़ियां अब जुड़ने लगी हैं।
केंद्र सरकार के सूत्रों के अनुसार, आरोपी डीएसपी देविंदर सिंह और उनके साथ पकड़े गए दोनों आतंकी नवीद अहमद शाह और रफी अहमद से प्रारंभिक पूछताछ के दौरान कुछ जानकारियां सामने आ रही हैं। डीएसपी, नवीद और रफी के पास से कई सिमकार्ड बरामद किए गए हैं।

चूंकि अभी देविंदर सिंह से कई एजेंसियां पूछताछ करेंगी, लिहाजा उन्हें एक विशेष सेल में रखा गया है। इनके पास से जो सिमकार्ड मिले हैं, उनकी जांच हो रही है। ये सिमकार्ड उनके पास से जब्त हुए दो मोबाइल फोन से अलग हैं। देवेंद्र सिंह ने 15-कोर सेना मुख्यालय के साथ जो आलीशान कोठी बनाई है, उसे लेकर भी जांच शुरू हो गई है।

ईडी भी इस मामले में शामिल हो रही है। एनआईए अपने स्तर इस मामले की जांच करेगी। सूत्रों के अनुसार, इस केस की जांच राजनीतिक लोगों तक भी पहुंच सकती है। शुरुआती जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं। आतंकियों से की जा रही पूछताछ में ऐसे संकेत मिले हैं कि आरोपी डीएसपी देविंदर सिंह, पाकिस्तानी आतंकी इरफान के संपर्क में लंबे समय से था।

इन दोनों की बातचीत में एक अलगाववादी नेता का नाम भी सामने आ रहा है। वह नेता एनआईए और ईडी के रडार पर आ चुका है। आरोप है कि जम्मू कश्मीर में आतंकियों को आर्थिक मदद पहुंचाने की जिम्मेदारी वही नेता संभाल रहा था।

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