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DelhiFire: पुलिस ने फैक्ट्री मालिक को किया गिरफ्तार, आग लगने से हुई 43 लोगों की मौत

घटनास्थल पर हृदय विदारक दृश्य पसरा हुआ था। फैक्ट्री में काम कर रहे लोगों के रिश्तेदार और स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर भाग रहे थे। आग की चपेट में आए लोगों के परेशान परिवार विभिन्न अस्पतालों में अपने संबंधियों को खोज रहे थे।राष्ट्रीय राजधानी में रानी झांसी रोड पर अनाज मंडी स्थित एक फैक्ट्री में रविवार सुबह आग लगने से 43 श्रमिकों की मौत हो गई और कई लोग झुलस गए। पुलिस ने फैक्ट्री के मालिक रेहान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसपर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और धारा 285 (आग या ज्वलनशील पदार्थ के संदर्भ में लापरवाही) के तहत मामला दर्ज किया है। जिसके बाद उससे पुछताछ की जा रही है। आवासीय इलाके में चल रही फैक्ट्री में आग लगने के समय 59 लोग अंदर थे। आग लगने की जानकारी सुबह पांच बजकर 22 मिनट पर मिली जिसके बाद दमकल के 30 वाहन घटनास्थल पर पहुंचे थे।

घटनास्थल पर हृदय विदारक दृश्य पसरा हुआ था। फैक्ट्री में काम कर रहे लोगों के रिश्तेदार और स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर भाग रहे थे। आग की चपेट में आए लोगों के परेशान परिवार विभिन्न अस्पतालों में अपने संबंधियों को खोज रहे थे। मृतकों और झुलसे लोगों को विभिन्न अस्पतालों में ले जाया गया है।

Delhi Fire

बिहार के बेगूसराय के रहनेवाले 23 वर्षीय मनोज ने बताया कि उनका 18 साल का भाई इस हैंडबैग बनाने वाली इकाई में काम करता है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे भाई के दोस्त से मुझे जानकारी मिली कि वह इस घटना में झुलस गया है। मुझे कोई जानकारी नहीं है कि उसे किस अस्पताल में ले जाया गया।’’
एक अज्ञात बुजुर्ग व्यक्ति ने कहा, ‘‘कम से कम इस इकाई में 12-15 मशीनें लगी हुई हैं। मुझे इसकी जानकारी नहीं है कि फैक्ट्री मालिक कौन है।’’ उन्होंने बताया कि उनके तीन रिश्तेदार इस फैक्ट्री में काम करते हैं। व्यक्ति ने कहा, ‘‘मेरे संबंधी मोहम्मद इमरान और इकरमुद्दीन फैक्ट्री के भीतर ही थे और मुझे इसकी जानकारी नहीं है कि अब वे कहां हैं।’’ उन्होंने बताया कि इस परिसर में कई इकाइयां चल रही हैं। यह इलाका बेहद संकरा है।

वहीं दमकल कर्मियों ने बताया कि कई फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया है और उन्हें आरएमएल अस्पताल, एलएनजेपी और हिंदू राव अस्पताल पहुंचाया गया है।

एलएनजेपी के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर किशोर सिंह ने बताया कि इस अस्पताल में 34 लोगों को मृत लाया गया था और लोगों के मरने की पीछे की मुख्य वजह धुएं की चपेट में आकर दम घुटना है। कुछ शव जले हुए थे। उन्होंने बताया कि एलएनजेपी में लाए गए 15 झुलसे लोगों में से नौ निगरानी में हैं और कई आंशिक रूप से झुलसे हैं।

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