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Delhi Assembly elections 2020: ‘आप’ के खिलाफ भाजपा का नया नारा, अब नहीं चाहिए केजरीवाल

नई दिल्ली। अगले साल दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक दलों में एक दूसरे पर पलटवार करने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश की अरविंद केजरीवाल सरकार पर पलटवार करने के लिए भारतीय जनता पार्टी नया नारा लेकर आई है। आप सरकार पर पलटवार करने के लिए भाजपा तमाम रैलियों में पांच साल दिल्ली बेहाल, अब नहीं चाहिए केजरीवाल का नारा लेकर सामने आई। दिल्ली में भाजपा की तमाम रैलियों में इस नारे के माध्यम से केजरीवाल सरकार पर हमला करने की तैयारी है।

प्रशांत किशोर करेंगे मदद

बता दें कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक केजरीवाल सरकार के समर्थन में अच्छे बीते पांच साल, लगे रहो केजरीवाल का नारा लगाते हैं। पार्टी के तमाम बैनर और पोस्टर पर इस नारे का इस्तेमाल केजरीवाल के समर्थन में किया जाता है। दिल्ली में आगामी चुनाव की रणनीति बनाने के लिए केजरीवाल सरकार नेन राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की कंपनी आई-पैक की मदद ली है जिसे अच्छे दिन का नारा नरेंद्र मोदी के समर्थन में 2014 में बुलंद किए जाने के लिए जाना जाता है। प्रशांत किशोर ने बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए 2015 और पंजाब चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए 2017 में अपनी सेवाएं दी थी

कई वादे किए

इन नारों के अलावा केजरीवाल ने संविधान क्लब टाउन हॉल में लोगों के तमाम सवालों के भी जवाब दिए। उन्होंने महिला सुरक्षा, मुफ्त इलाज सहित सस्ती बिजली से जुड़े अहम मसलों पर लोगों के सवालों के जवाब दिए। वह लोगों से वादा करते हैं कि आने वाले समय में वह दिल्ली को और साफ सुथरा करेंगे अगर उन्हें दोबारा मौका मिलता है। केजरीवाल ने कहा कि हम दिल्ली को साफ करेंगे, गलियों और सड़कों को साफ करेंगे। हम दिल्ली को इतना साफ करेंगे कि आपको दिल्लीवाला होने पर गर्व होगा।

गैरकानूनी बस्तियों को लेकर किया वादा

दिल्ली कि गैरकानूनी बस्तियों को लेकर केजरीवाल ने कहा कि जबतक आपको अपनी जमीन के रजिस्टर्ड दस्तावेज ना मिल जाएं। उन्होंने कहा कि जो भी आपको इन जमीनों की रजिस्ट्री के कागज देगा सिर्फ वो ही इन कॉलोनियों को रेगुलराइज करा सकता है। बता दें कि केजरीवाल सरकार का कार्यकाल फरवरी माह में समाप्त हो रहा है, माना जा रहा है कि इससे पहले ही दिल्ली में चुनाव कराए जाएंगे। आप सरकार 2015 में सत्ता में आई थी, उसे 70 विधानसभा सीटों में से 67 सीटों पर जीत मिली थी।

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