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साइरस मिस्त्री को NCLAT ने बनाया चेयरमैन, अब क्या करेंगे रतन टाटा

ट्राइब्यूनल ने यह भी कहा है कि एन चंद्रशेखरन को टाटा ग्रुप का एग्जेक्युटिव चेयरमैन बनाया जाना अवैध था. NCLAT की दो जजों की बेंच ने कहा कि मिस्त्री के ख़िलाफ़ रतन टाटा ने मनमाने तरीक़े से कार्रवाई की थी और नए चेयरमैन की नियुक्ति अवैध थी. टाटा ग्रुप 110 अरब डॉलर की कंपनी है.

रतन टाटा को इस फ़ैसले को चुनौती देने के लिए चार हफ़्ते का वक़्त दिया गया है. ट्राइब्यूनल ने कहा है कि उसका फ़ैसला चार हफ़्ते बाद ही लागू होगा.

टाटा के पास इस फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती देने का विकल्प है. जैसे ही यह ख़बर आई टाटा मोटर्स के शेयर गिरने लगे. मिस्त्री परिवार की टाटा सन्स में सबसे बड़ी हिस्सेदारी है. मिस्त्री परिवार की टाटा में 18.4 फ़ीसदी हिस्सेदारी है.

साइरस मिस्री टाटा सन्स के छठे चेयरमैन थे. उन्हें अक्टूबर 2016 में हटा दिया गया था. साइरस मिस्त्री को 2012 में रतन टाटा के रिटायरमेंट के बाद टाटा ग्रुप की कमान मिली थी.

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