पॉलिटिक्स

सीएम ने किया फोन, विज को बातचीत के लिए बुलाया

हरियाणा में आईपीएस अधिकारियों के तबादलों को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल और गृहमंत्री अनिल विज का टकराव अभी खत्म नहीं हुआ है। अनिल विज की ओर से 9 आईपीएस के तबादला आदेश रद्द करने की मांग को लेकर लिखे पत्र के बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें बातचीत के लिए आमंत्रित किया है।
अनिल विज ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा था कि आईपीएस अधिकारियों के तबादलों को लेकर उनसे न तो कोई राय ली गई और न ही पूछा गया। तबादलों के बारे में उन्हें सिर्फ सूचना दी गई है, जोकि उचित नहीं है। गृह मंत्री के नाते तबादले करने का अधिकार उनका है। इसलिए शनिवार को जिन 9 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए थे, उन तबादला आदेश को रद्द किया जाए।
अनिल विज के इस पत्र के बाद राजनीतिक गलियारों व अफसरशाही में तमाम चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस पत्र के बाद विज से फोन पर बात की और कहा कि वे बातचीत के लिए उनके पास आएं। बातचीत में सारे विवाद का समाधान कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री की पेशकश पर विज बातचीत के लिए जाते हैैं या नहीं, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
गृहमंत्री अनिल विज का कहना है कि आईपीएस अधिकारियों के तबादले उनकी जानकारी के बिना नहीं किए जा सकते। रूल आॅफ बिजनेस के मुताबिक मंत्री अपने विभागों का मुखिया होता है। उसे ही तबादले करने अथवा रद्द करने का अधिकार है। विज पहले ही आईपीएस अफसरों के तबादलों की लिस्ट पर सहमत नहीं थे। उनकी असहमति के बावजूद सरकार ने ट्रांसफर के आदेश जारी कर दिए।
28 दिसंबर को 9 सीनियर आईपीएस अफसरों की ट्रांसफर लिस्ट बनाकर गृह विभाग के तत्कालीन एसीएस को भेजी गई थी, जो मुख्यमंत्री के आदेश बताए गए। इन आईपीएस अफसरों के तबादलों संबंधी लिस्ट की काॅपी गृहमंत्री अनिल विज को भेजी गई थी। विज के पास लिस्ट पहुंची तो उन्होंने तुरंत ही सरकार को जवाब भेज दिया, जिसमें उन्होंने नोट लिखकर कहा कि मैं भेजी गई इस ट्रांसफर लिस्ट से सहमत नहीं हूं।

विज ने लिखा था पत्र
गृहमंत्री अनिल विज ने सोमवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर सभी 9 आईपीएस के तबादला आदेश रद्द करने की मांग की थी। आईपीएस अफसरों के तबादलों संबंधी लिस्ट की काॅपी गृह मंत्री अनिल विज को भेजी गई थी। विज के पास लिस्ट पहुंची तो उन्होंने तुरंत ही सरकार को जवाब भेज दिया, जिसमें उन्होंने नोट लिखकर कहा कि मैं भेजी गई इस ट्रांसफर लिस्ट से सहमत नहीं हूं। विभाग का मंत्री होने के नाते मैं खुद फैसला करूंगा कि किसे कहां लगाना है और किसे हटाना है। यदि जरूरत पड़ी तो आपका भी सुझाव ले लिया जाएगा। आपकी भेजी लिस्ट वापस कर रहा हूं। इसके बाद भी ट्रांसफर के आदेश जारी हो गए थे। 28 दिसंबर तक गृह विभाग के एसीएस राजेश खुल्लर थे, जबकि शनिवार को देर रात विजयवर्धन को गृह विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव लगाया गया था। विज के पास जो काॅपी भेजी गई थी, उसमें लिखा हुआ था कि सीएम के आदेश हैं कि इन आईपीएस का ट्रांसफर किया जाए।

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