राष्ट्रीय समाचार

नागरिकता संशोधन अधिनियम: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी दायर की याचिका

नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 18 दिसंबर को सुनवाई कर सकता है। वहीं एआईएमआईएम प्रमुख व लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस संशोधन अधिनियम को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के मुताबिक, अगले बुधवार को इंडियन यूनियन ऑफ मुस्लिम लीग की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर सकता है। बता दें कि मुस्लिम लीग ने ही सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।

इसके अलावा इस संशोधन के खिलाफ करीब एक दर्जन से अधिक याचिकाएं अब तक दायर हो चुकी हैं। इसी क्रम में ओवैसी ने भी शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। ओवैसी ने लोकसभा में नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान विधेयक की कॉपी फाड़ दी थी। संभावना है कि 18 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट तमाम याचिकाओं पर सुनवाई कर सकता है।

मालूम हो कि कांग्रेस सांसद जयराम रमेश, टीएमसी सांसद मोइन मौइत्रा, पीस पार्टी, रिहाई मंच व सिटीजन्स अगेन्स्ट हेट (संयुक्त रूप से), एहतशाम हाशमी सहित समबॉयोसिस लॉ स्कूल छात्र,  प्रद्योत देव वर्मन, जन अधिकार पार्टी के महासचिव फैजउद्दीन, पूर्व उच्चायुक्त देव मुखर्जी, वकील एमएल शर्मा, एएएसयू व असम के नेता प्रतिपक्ष देवव्रत सैकिया समेत कई अन्य ने भी याचिकाएं दायर की हैं।

इन याचिकाओं में कहा गया कि यह अधिनियम संविधान की मूल भावना और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। साथ ही याचिकाओं में कहा गया कि यह असम समझौते व सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसले के भी विरूद्ध है। यह सविंधान के अनुच्छेद-14 और 21 के खिलाफ है। 

याचिकाओं में कहा गया कि अधिनियम धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत और संविधान के मूल ढांचे के विपरीत है। साथ ही यह समानता, धर्म के आधार पर विभेद न करने के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। कुछ याचिकाओं में इस संशोधन अधिनियम को मुस्लिमों के साथ भेदभाव वाला बताया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button