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नागरिकता कानून : अब रद्द हुई भारत-बांग्लादेश के बीच नदी आयोग की बैठक

नागरिकता संशोधन कानून पर भारत और बांग्लादेश के बीच चल रही कूटनीतिक रस्साकसी बढ़ती जा रही है। बुधवार को दोनों देशों के संयुक्त नदी आयोग (जेआरसी) की बैठक अंतिम समय में स्थगित कर दी गई। इस बैठक का आयोजन बुधवार को ही होना था, लेकिन बांग्लादेश सरकार ने अपने नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को अंतिम समय में भारत आने की इजाजत ही नहीं दी। इससे पहले बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन और गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल ने भी अपनी तय भारत यात्रा टाल दी थी।

दरअसल नागरिकता संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान सरकार ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के साथ बांग्लादेश में भी अल्पसंख्यकों को प्रताड़ना के शिकार बताया था। बांग्लादेश इसका तीखा विरोध कर रहा है। दोनों देशों में जुबानी जंग इस कदर बढ़ी कि बांग्लादेश ने यह भी कह दिया कि उसके देश की अर्थव्यवस्था भारत से अच्छी है। इसलिए भारतीय यहां मुफ्त भोजन और रोजगार की तलाश में आ रहे हैं।

हालांकि आयोग की बैठक रद्द होने के पीछे बांग्लादेश ने नागरिकता कानून को वजह नहीं बताया है। उसका कहना है कि बैठक से पूर्व छह नदियों से संबंधित डाटा का समय रहते आदान-प्रदान नहीं किया गया। गौरतलब है कि दोनों देश 54 नदियों के जल की आपस में हिस्सेदारी करते हैं। लेकिन करीब 23 वर्ष पूर्व सिर्फ गंगा नदी के जल बंटवारे को लेकर दोनों के बीच समझौता किया गया था। दूसरी नदियों के जल के बंटवारे के लिए इस आयोग का गठन किया गया था, जिसकी बुधवार को बैठक होनी थी।

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