तिहाड़ जेल से बाहर आएंगे चिदंबरम।

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आईएनएक्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को आज यानी 4 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई. जमानत मिलने के बाद पिता को लेने कार्ति चिदंबरम तिहाड़ जेल पहुंच चुके हैं. कोर्ट से चिदंबरम की रिहाई का आदेश कुछ देर पहले तिहाड़ जेल पहुंच चुका है. जेल में रिहाई से पूर्व कागजी कार्यवाही पूरी की जा रही है.

थोड़ी देर में चिदंबरम के जेल से बाहर आने की उम्मीद जताई जा रही है. कांग्रेस ने अपनी राज्य इकाई को पी. चिदंबरम का भव्य स्वागत करने के लिए कहा है. पी. चिदंबरम को जमानत मिलने पर कांग्रेस कार्यकर्ता तिहाड़ जेल के बाहर जमा हुए हैं. कई कांग्रेस नेता भी वहां पहुंच चुके हैं. भारी भीड़ को देखते हुए जेल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है.

कांग्रेस पार्टी पी. चिदंबरम के लौटने की तैयारी कर रही है और वे गुरुवार को संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेंगे. वहीं, चिदंबरम की जमानत पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि चिदंबरम को बदले की कार्रवाई के तहत 106 दिनों तक जेल में रखा गया. उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी. मुझे विश्वास है कि वह निष्पक्ष सुनवाई में अपनी बेगुनाही साबित कर सकेंगे. वहीं, इससे पहले चिदंबरम को सीबीआई से जुड़े केस में जमानत मिली थी।

पी. चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में आज जमानत मिली. न्यायमूर्ति आर. भानुमती की अध्यक्षता वाली पीठ ने कांग्रेस नेता को आईएनएक्स मीडिया मामले के बारे में कोई सार्वजनिक बयान नहीं देने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही उन्हें गवाहों को डराने की कोशिश नहीं करने की नसीहत भी दी गई है.

जमानत की शर्तें

सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत पर कुछ शर्तें लगा दी हैं. चिदंबरम का पासपोर्ट जब्त कर लिया जाएगा और उन्हें बिना अनुमति के देश छोड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी. वे मीडिया को कोई साक्षात्कार भी नहीं देंगे. साथ ही उन्हें इस मामले में पूछताछ के लिए उपलब्ध रहना होगा.

अदालत ने चिदंबरम को मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश की संतुष्टि के अधीन दो जमानती के साथ दो लाख रुपये के जमानत बांड जमा करने का निर्देश दिया है. अदालत ने कहा कि मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का जमानत आदेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री को आदेश दिया कि वह सुनवाई के अंतिम दिन ईडी द्वारा बेंच को सौंपे गए सीलबंद कवर को वापस करे, जिसमें मामले से जुड़े सबूत हैं.