पॉलिटिक्स

नागरिकता बिल के विरोध में कैप्टन अमरिंदर सरकार, ममता बनर्जी ने लिया ये बड़ा फैसला

लोकसभा व राज्यसभा से नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद इसका विरोध शुरू हो गया है. पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने इसे पंजाब में न लागू होने देने की बात है. केरल के सीएम पिनराई विजयन ने भी ऐसे बयान दिए हैं. वहीं, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने आपात बैठक बुलाई है. वहीं, बांग्लादेश के विदेश मंत्री का भारत दौरा रद्द हो गया है…

नागरिकता संशोधन बिल को लेकर असम समेत पूर्वोत्तर राज्यों में उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं। इसके मद्देनजर बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. एके अब्दुल मोमेन ने गुरुवार को ऐन वक्त पर अपना भारत दौरा रद्द कर दिया। उन्हें 13 दिसंबर को छठे इंडियन ओशियन डायलॉग में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचना था। इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने टीएमसी सांसदों और विधायकों की 20 दिसंबर को आपात बैठक बुलाई। इसमें पार्टी नागरिकता संशोधन बिल का विरोध करने को लेकर योजना बनाएगी। सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी पहले ही एनआरसी व सीएबी का विरोध कर चुकी हैं। उन्होंने पार्टी के नेताओं को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिए कहा है। बैठक में विधायक-सांसदों के साथ ही जिला अध्यक्ष भी मौजूद रहेंगे।

इससे पहले बांग्लादेश के विदेश मंत्री मोमेन ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के गृह मंत्री अमित शाह के दावे पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि हमारे देश में दूसरे देशों से ज्यादा सांप्रदायिक सौहार्द है। यहां अल्पसंख्यकों की स्थिति अच्छी है। मेमोन ने कहा कि दुनिया में कुछ ही ऐसे देश हैं, जहां सांप्रदायिक सौहार्द बांग्लादेश से बेहतर हो। अगर अमित शाह कुछ महीने हमारे देश में ठहरेंगे तो उन्हें यह नजर आएगा। भारत में पहले ही कई समस्याएं हैं। इनसे साथ मिलकर लड़ना होगा। मित्र देश के नाते हम उम्मीद करते हैं कि भारत ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा, जिससे हमारे रिश्तों पर असर पड़े। मोमेन ने कहा कि मुझे बांग्लादेश के विजय दिवस से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होना है। इसलिए दिल्ली दौरा रद्द कर दिया। हमारे राज्य मंत्री मैड्रिड और विदेश सचिव भी हेग गए हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से देर शाम जारी हुए बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक को पास करना सीधे तौर पर भारत के धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत पर हमला है। हमारी सरकार इस बिल को हमारे राज्य में लागू नहीं होने देगी। वहीं, केरल के सीएम पिनराई विजयन ने राज्य में बिल के न लागू होने देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यह बिल सांप्रदायिक भावनाओं के खिलाफ है। दूसरी तरफ, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ पहली याचिका दायर हुई है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने अपील में कहा है कि सरकार की तरफ से लाया गया कानून धर्म के आधार पर नागरिकता देकर संविधान का उल्लंघन करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button