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ब्लॉक हो गई ई-वे बिल सुविधा तो रिटर्न भर दोबारा कर सकते हैं शुरू

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जीएसटीएन ने कारोबारियों को सहूलियत देने के लिए शुरू की नई व्यवस्था
20.75 लाख कारोबारियों ने सितंबर-अक्तूबर में नहीं दाखिल किया है रिटर्न
जीएसटी व्यवस्था में यदि किसी कारोबारी की ई-वे बिल जारी करने की सुविधा ब्लॉक हो गई हो तो घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने इसे दोबारा शुरू करने की सुविधा भी शुरू कर दी है। जीएसटी नेटवर्क के अनुसार, यह फैसला कारोबारियों की सहूलियत को देखते हुए लिया गया है।
जीएसटी परिषद ने जीएसटीआर-3बी दाखिल नहीं करने वाले कारोबारियों का ई-वे बिल ब्लॉक करने की व्यवस्था कई महीने पहले ही कर दी थी। इसके बाद पोर्टल पर ई-वे बिल जारी करने वाले करदाताओं को सूचित किया गया था कि लगातार दो मासिक रिटर्न दाखिल नहीं करने पर सुविधा वापस ले ली जाएगी। जीएसटीएन से मिले आंकड़ों के अनुसार, करीब 20.75 लाख जीएसटी नंबर धारकों ने सितंबर और अक्तूबर महीने में मासिक रिटर्न दाखिल नहीं किया। इसके बाद ई-वे बिल जारी करने की उनकी सुविधा ब्लॉक कर दी गई। हालांकि, अब जीएसटीएन ने ब्लॉक हो चुकी ई-बिल व्यवस्था को दोबारा शुरू कराने का विकल्प दे दिया है।
जीएसटीआर पर सात दिसंबर होगा स्टेकहोल्डर फीडबैक दिवस
केंद्र और राज्य सरकारें जीएसटी रिटर्न पर कारोबारियों से फीडबैक लेने के लिए सात दिसंबर को स्टेकहोल्डर फीडबैक दिवस का आयोजन करेगी। यह फीडबैक एक अप्रैल 2020 से लागू हुए नए रिटर्न फॉर्म के लिए लिया जाएगा।

रिटर्न दाखिल करने पर होगा अनब्लॉक
जीएसटीएन का कहना है कि ई-वे बिल सुविधा को ब्लॉक करना अस्थायी कदम है। जब करदाता जीएसटीआर-3बी रिटर्न फाइल करेगा, तब ई-वे बिल पोर्टल पर सुविधा दोबारा शुरू हो जाएगी। यदि यह ई-वेबिल पोर्टल पर अपडेट नहीं होता है, तो करदाता डिफॉॅल्ट अवधि के लिए मासिक रिटर्न दाखिल करने के बाद ई-वे बिल पोर्टल पर सर्च अपडेट ब्लॉक स्टेटस का चयन कर सकते हैं। इसके बाद जीएसटी कॉमन पोर्टल से अपने नवीनतम मासिक रिटर्न फाइलिंग स्टेटस को अपडेट कर सकते हैं। यह सुविधा ई-वे बिल सिस्टम और जीएसटी सिस्टम के बीच स्वचालित आदान-प्रदान के ओवरराइड के रूप में दी गई है।
कर अधिकारी को दे सकते हैं आवेदन
यदि कोई करदाता वाजिब कारणों से मासिक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाता है, तो वह ई-वे बिल जनरेशन सुविधा को अनब्लॉक कराने के लिए संबंधित अधिकारी को आवेदन कर सकता है। इसके साथ करदाता को उपयुक्त कारण और आवश्यक दस्तावेज भी देना होगा। यदि कर अधिकारी ने अपील स्वीकार की तो उस कारोबारी को दोबारा ई-वे बिल जनरेशन सुविधा दे दी जाएगी। इसकी सूचना करदाता को पंजीकृत ई-मेल और मोबाइल नंबर पर दे दी जाएगी।
रास्ते में है माल तो नहीं पड़ेगा असर
जीएसटीएन ने स्पष्ट किया है कि जिन जीएसटीधारकों का माल रास्ते (ट्रांजिट) में है, उन पर जीएसटी ई-वे बिल ब्लॉक हो जाने का भी कोई असर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब है कि पहले से ही जारी ई-वे बिल पर सुविधा ब्लॉक किए जाने का कोई प्रभाव नहीं होगा। इसके अलावा, जो ट्रांसपोर्टर केवल ई-वे बिल पोर्टल पर पंजीकृत हैं और जीएसटी पोर्टल पर पंजीयन नहीं कराया है, वे भी इससे प्रभावित नहीं होंगे और अपना व्यवसाय जारी रख सकेंगे।

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