पॉलिटिक्स

बांग्लादेश के गृह मंत्री ने बताई अपनी जीडीपी तो ओवैसी ने उठाए शाह की चाणक्य नीति पर सवाल

देशभर में नागरिकता कानून के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के चलते बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज्जमां खान (Asaduzzaman Khan) और विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन (AK Abdul Momen) ने अपना भारतीय दौरा रद्द कर दिया था.

इसके बाद बांग्लादेश के गृहमंत्री असदुज्जमां खान ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि बांग्लादेश की जीडीपी और लिविंग स्टैंडर्ड बेहतर हो रहा है इसलिए कोई क्यों भारत में पलायन करेगा. उनके इस बयान पर एआईएमआई सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भारत के गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा कि आपकी यह कैसी चाणक्य नीति है. पड़ोसी देश देश हमें जीडीपी, लिविंग स्टैंडर्ड और विकास के बारे में बता रहा है.

ओवैसी ने ट्वीट कर यह बयान दिया है, उन्होंने कहा,
“अमति शाह जी यह आपकी कैसी चाणक्य नीति है? पड़ोसी मुल्क हमें अपनी बढ़ती जीडीपी, लिविंग स्टैंडर्ड और विकास के बारे में बता रहा है, जबकी आप वहां से आए लोगों को देश में दीमक समझते हैं.
आप एक सेल्फ-हेल्प बुक लिख सकते हैं, जिसका नाम “हाउ टू लूज फ्रेंड्स एंड स्क्वैंडर इन्फ्लुएंस” हो सकता है.

दरअसल, इंटरव्यू में जब असदुज्जमां से बांग्लादेश से अवैध तरीके से भारत में आए लोगों के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, “बांग्लादेश एक गरीब देश नहीं है जो वहां के लोग अवैध रूप से भारत में जाएंगे. वित्त वर्ष 2018-19 में हमारी आर्थिक वृद्धि दर 8.15% थी. हमारा वर्तमान सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 8.13% है और हमारी प्रति व्यक्ति आय 2000 यूएस डॉलर है. आप मुझे बताइए कि बांग्लादेश का कोई व्यक्ति अवैध रूप से भारत क्यों जाएगा?, जब वहां का जीवन स्तर बेहतर है.”

साथ ही उन्होंने यह भी कहा, “1991 में हमारे देश में गरीब की दर 44.2% थी जो कि 2016-17 में घटकर 13.8% हो गई है.”बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज्जमां खान सात अगस्त को भारत के दौरे पर आने वाले थे, इस दौरान वह अपने भारतीय समकक्ष गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात भी करते. नागरिकता कानून (Citizenship Act) पर असदुज्जमां ने कहा कि CAA से बांग्लादेश का कोई लेना-देना नहीं है. यह पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है और हमें उम्मीद है कि भारत भी इस लाइन को बनाए रखेगा.”

नागरिकता कानून को लेकर विपक्षी दल शुरू से ही विरोध कर रहे हैं. देश के पूर्वोत्तर राज्यों में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, कई जगह तो प्रदर्शन हिंसक भी हो गए थे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button