राम मंदिर के फैसले के बाद जमीनों के दाम बढ़े 4 गुना।

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लखनऊ . सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण और विकास योजनाओं की उम्मीद में जमीनों के दामाें काे पंख लग गए हैं। अयोध्या नगर से जुड़े ग्रामीण इलाकों में जमीन की कीमतें चार गुना तक बढ़ गई हैं। सबसे ज्यादा दाम अयाेध्या काे जाेड़ने वाले बायपास और मार्गाें के किनारे की जमीन के बढ़े हैं।

अयोध्या सदर तहसील के सब रजिस्ट्रार एसबी सिंह ने माना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 12 नवंबर से जमीनों की खरीद में तेजी आई है। यही नहीं, रजिस्ट्रियाें में भी 20 फीसदी इजाफा हुअा है। लोग पहले से ज्यादा कीमत चुकाकर जमीन खरीदने काे तैयार हैं। 

हालांकि वे बड़े आकार की जमीन की लिखा-पढ़ी करवाने से बच रहे हैं। इसकी वजह है कि अभी यह साफ नहीं है कि प्रदेश सरकार कहां और कितनी जमीन का अधिग्रहण करेगी।  


महर्षि महेश योगी संस्थान के पास 300 एकड़ जमीन
अयोध्या में 1991 में वैदिक विश्वविद्यालय सहित तमाम योजनाएं लेकर पहुंचे महर्षि महेश योगी से जुड़ी संस्थाओं के पास करीब 300 एकड़ भूमि होने का अनुमान है। संस्था के स्थानीय पदाधिकारियों के मुताबिक श्रीराम वैदिक विश्वविद्यालय की योजना पर विचार हो रहा है, जबकि संस्थाअाें से जुड़ी तमाम जमीनों को पिछले वर्षों में बेचा भी गया है।

सरयू नदी के किनारे की जमीन पर फाेकस
सब रजिस्ट्रार के मुताबिक, अयोध्या के सबसे नजदीक के चार गांव मांझा बरेहटा, सहजनवा, सहजनवा उपरहा, माझा उपरहा हैं। ये सरयू नदी के किनारे बसे हैं। राज्य सरकार भगवान राम की 251 मीटर ऊंची प्रतिमा लगाने के लिए माझा जमथरा गांव की भूमि खरीदने पर विचार कर रही है। इसके लिए 125 करोड़ रुपए भी परियोजना के नोडल अधिकारी क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी के पास आ चुके हैं।