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82 साल के हुए रतन टाटा, जेआरडी की विरासत को आगे ले जाने में है बहुत बड़ा हाथ

[: देश के दिग्गज उद्योगपति और टाटा संस के मार्गदर्शक चेयरमैन रतन टाटा शनिवार को 82 साल के हो गए हैं। 28 दिसंबर 1937 में (तत्कालीन बॉम्बे) मुंबई में जन्म हुआ था। भारत के दो सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार- पद्म विभूषण (2008) और पद्म भूषण (2000) के प्राप्तकर्ता हैं। वह प्रतिष्ठित कैथेड्रल और जॉन कानोन स्कूल, बिशप कॉटन स्कूल (शिमला), कॉर्नेल यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड के पूर्व छात्र हैं।
मुकेश अंबानी से ज्यादा संपत्ति है टाटा संस के पास
रिलायंस इंडस्ट्री के संस्थापक धीरूभाई अंबानी का भी आज जन्म दिन है। लंबे अरसे से इंडियन इंडस्ट्री और 108 कंपनियों वाले टाटा संस को नए मुकाम पर पहुंचाने के बाद भी लोगों को इस बात से हैरानी होती है कि रतन टाटा देश के अमीरों की लिस्ट में शामिल क्यों नहीं हैं? रतन टाटा, मुकेश अंबानी से ज्यादा अमीर नहीं हैं जबकि टोटल एसेट्स के मामले में टाटा संस, रिलायंस इंडस्ट्रीज से ज्यादा बड़ा ग्रुप है। टाटा संस को टाटा ट्रस्ट की ओर से चलाया जाता है और यह सभी जानते हैं कि ट्रस्ट पर किसी एक व्यक्ति का अधिकार नहीं होता है। टाटा फैमिली से जुड़ा होने के कारण रतन टाटा इसके चेयरमैन या ट्रस्टी तो हो सकते हैं लेकिन इसके मालिक नहीं क्योंकि टाटा संस में टाटा ट्रस्ट की हिस्सेदारी 66 फीसदी है।
1991 में टाटा ग्रुप की कमान
1962 से टाटा ग्रुप में काम शुरू करने के बाद रतन टाटा ने 1991 में टाटा ग्रुप की कमान संभाली थी उनकी अगुवाई में टाटा ग्रुप ने भारत समेत दुनियाभर में विस्तार किया है। बता दें कि टाटा संस ग्रुप की अगुवा कंपनी है। टाटा संस की इक्विटी शेयर पूंजी का 66 फीसदी हिस्सा परोपकारी ट्रस्टों के पास है। ये ट्रस्ट शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका उत्पादन और कला-संस्कृति के लिए काम करते हैं। टाटा ग्रुप के अधीन आने वाली हर कंपनियों का मैनेजमेंट और अन्य गतिविधियां स्वतंत्र हैं।
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