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80 प्रतिशत करदाता अपना सकते हैं नई टैक्स व्यवस्था: वित्त मंत्रालय

वित्त वर्ष 2020-21  के बजट में सरकार ने कर की नई आयकर व्यवस्था निर्धारित की है। अब सरकार को उम्मीद है कि कम से कम देश के 80 फीसदी करदाता इस नई व्यवस्था को अपनाएंगे। राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि वित्त मंत्रालय को कम-से-कम 80 प्रतिशत करदाताओं के नई आयकर व्यवस्था अपनाने की उम्मीद है।

वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में नई कर श्रेणी का प्रस्ताव किया गया। लेकिन इसे अपनाने पर करदाताओं को आवास ऋण ब्याज, अन्य कर बचत योजनाओं समेत मौजूदा छूट और कटौतियों का लाभ छोड़ना होगा।

यहां संवाददाताओं से बातचीत में पांडेय ने कहा, ‘हमारा मानना है कि कम-से-कम 80 प्रतिशत लोग नई योजनाए अपनाएंगे।’ पांडेय ने कहा कि सरकार ने बजट से पहले 5.78 करोड़ करदाताओं का विश्लेषण किया था और पाया कि 69 प्रतिशत लोगों को नई व्यवस्था अपनाने पर बचत होगी जबकि 11 प्रतिशत ऐसे हैं जो पुरानी व्यवस्था को पसंद करते हैं।

शेष 20 प्रतिशत करदाताओं में से कुछ लोग ऐसे होंगे जो कागजी काम से बचना चाहते होंगे और नई व्यवस्था अपनाने की इच्छा रखते हों। पांडेय ने कहा कि कंपनी कर में जब सितंबर में कटौती हुई तो उन्हें भी इसी प्रकार का विकल्प दिया गया और 90 प्रतिशत कंपनियों ने कम कर दर को लेकर छूट मुक्त व्यवस्था को अपनाया। उन्होंने कहा, ‘ज्यादातर लोग नई कर व्यवस्था को फायदेमंद पाएंगे।’ सरकार ने बजट में नई कर व्यवस्था का प्रस्ताव किया है।

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