स्पोर्ट्स

17 साल के दिव्यांशु ने शूटिंग में जीता गोल्ड ।

जयपुर (संजीव गर्ग). फ्री में मिलने वाली सलाह भी जिंदगी बदल सकती है। इसका जीता जागता उदाहरण हैं- 17 साल के दिव्यांश पंवार। अभी 12वीं में पढ़ते हैं और  इन्होंने पुतियान (चीन) में शूटिंग वर्ल्ड कप के फाइनल (10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा) में गुरुवार को गोल्ड मेडल जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मगर इस कामयाबी के पीछे है- एक गार्ड की सलाह। 

ये है किस्सा कामयाबी का 

पांच साल पहले की बात है। दिव्यांश के पिता अशोक पंवार के मेडिकल स्टोर पर एक गार्ड (गुलाब सिंह) दवा लेने आया था। गुलाब जगतपुरा स्थित शूटिंग रेंज में गार्ड है। उसने सलाह दी कि आप बच्चे को शूटिंग सिखाएं। वे अगले ही दिन दिव्यांश को लेकर शूटिंग रेंज चले गए। कोच कुलदीप ने उसकी प्रतिभा पहचानी।

पिता इस तरह देते थे लालच 
कोच कुलदीप बताते हैं-एक बार 2014 प्री नेशनल के लिए दिव्यांश अहमदाबाद गया था। उसके पापा ने कहा-जितने ज्यादा एकुरेट शॉट लगाएगा उतनी ज्यादा मूवी दिखाएंगे। दिव्यांश ने 400 में 390 स्कोर कर दिया। तब उम्र 12 साल थी। ज्यादा समझ नहीं थी तो टारगेट पर पेचकस से 3 छेद और कर दिए ताकि ज्यादा मूवी देखने को मिलें। इस हरकत के लिए उस पर एक्शन भी हुआ था।

टोक्यो ओलिंपिक में गोल्ड

दिव्यांश के कोच कुलदीप ने कहा, वह इस समय जैसे शूटिंग कर रहा है उससे साफ लग रहा है कि वह टोक्यो ओलिंपिक में मेडल जरूर लाएगा। इस साल विश्व कप में दिव्यांश का ये चौथा मेडल है। इससे पहले जूनियर विश्व कप में भी मेडल जीत चुका है। ओलिंपिक कोटा भी मिल चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button