महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के गृहमंत्री बोले- न्यायाधीश लोया मौत मामले की फिर हो सकती है जांच

महाराष्ट्र में उद्धव सरकार के दो मंत्रियों ने संकेत दिए हैं कि पर्याप्त सुबूत मिलने पर गुजरात के सोहराबुद्दीन हत्याकांड की सुनवाई करने वाले सीबीआई के विशेष जस्टिस बीएच लोया की मौत के मामले की फिर से जांच कराई जा सकती है। ठाकरे सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक और गृह मंत्री अनिल देशमुख ने यह बात कही है। इसे भाजपा पर हमले के तौर पर देखा जा रहा है। 

गृहमंत्री देशमुख ने पत्रकारों से कहा कि ‘हमारी सरकार ने लोया मौत मामले की दोबारा जांच कराने का विकल्प खुला रखा है। कुछ लोग मामले को दोबारा खोलने की मांग को लेकर आज मुझसे मिल रहे हैं। मैं उन्हें सुनूंगा और अगर जरूरी हुआ, तो दोबारा जांच कराई जाएगी।’

जब देशमुख से पूछा गया कि क्या लोया का परिवार उनसे मिलने वाला है, तो उन्होंने कहा कि वह इसका खुलासा नहीं करना चाहते हैं।

इस बीच, देशमुख ने उन पुलिस अधिकारियों की प्रशंसा की जिन्होंने भगोड़े माफिया सरगना एजाज लकड़वाला को बुधवार की रात पटना से गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि माफिया की बेटी शिफा शेख ने अपने पासपोर्ट पर पिता का नाम ‘ मनीष आडवाणी’ दर्ज कराया था।

देशमुख ने कहा, ‘वह फर्जी पासपोर्ट मामले में गिरफ्तार की गई थी और लकड़वाला की गिरफ्तारी उससे पूछताछ के आधार पर हुई। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मनीष आडवाणी कौन है।’

एनसीपी नेता नवाब मलिक ने बुधवार को पार्टी की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर कोई जस्टिस लोया की मौत को अप्राकृतिक बताने वाले पर्याप्त सुबूत लाता है तो राज्य सरकार मामले की फिर से जांच करा सकती है। 

गौरतलब  है कि गुजरात के चर्चित सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ मामले की सुनवाई कर रहे न्यायामूर्ति लोया की एक दिसंबर 2014 को नागपुर में उस समय दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी, जब वह अपने एक सहयोगी की बेटी की शादी में शामिल होने गए थे।

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