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भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व रघुवर दास के प्रभाव में रहा, उनके खिलाफ मुहिम जारी रहेगी : सरयू राय

[: भाजपा के बागी नेता और मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले पूर्व मंत्री सरयू राय का कहना है कि जिस तरह पूरे पांच साल राज्य में भाजपा की सरकार चली उससे लगा ही नहीं कि झारखंड पूर्ण राज्य है। मुख्यमंत्री ने केंद्र के एजेंट के रूप में काम किया। चुनाव प्रचार के दौरान संथाल परगना मुख्यालय दुमका में अमर उजाला के लिए विनोद अग्निहोत्री से सरयू राय की बातचीत।
[: आप इतने लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे फिर बागी क्यों हो गए
मैं 1962 से आरएसएस की अपने गांव की शाखा में मुख्य शिक्षक था। चार साल तक रहा फिर जिला प्रचारक हो गया। 1975 में आपातकाल लग गया। जेल भी गया। लंबे समय तक संघ से जुड़ा रहा। संघ ने ही मुझे 1977 में राजनीति में भेजा। फिर करीब 12-13 साल राजनीति से अलग रहा। जेपी विचार मंच बनाकर किसानों के बीच काम किया। बाद में जब 1992 में बाबरी मस्जिद का विध्वंस हुआ उसके
बाद आडवाणी जी के कहने पर भाजपा मे आया। पार्टी ने मुझे अनेक जिम्मेदारियां दीं। प्रवक्ता, पदाधिकारी, एमएलसी, विधायक मंत्री तक बनाया। पार्टी से मैंने कभी कुछ मांगा नहीं और पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया। मैं संतुष्ट था।

अगर संतुष्ट थे तो टिकट कटने पर पार्टी छोड़कर मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव क्यों लड़े
अगर शुरू में ही कह दिया जाता कि मुझे टिकट नहीं दिया जाएगा तो मैं शांति से घर बैठ जाता। लेकिन यह नहीं हुआ। मुझे कहा गया आपको चुनाव लड़ना है। संसदीय बोर्ड की पहली बैठक में होल्ड फिर दूसरी में होल्ड फिर तीसरी में होल्ड और जब चौथी बैठक में भी होल्ड कर दिया तब मुझे लगा कि ये लोग जानबूझकर मुझे अपमानित कर रहे हैं और इनकी चाल है कि एकदम आखिर में मेरा टिकट काट दिया जाए ताकि मैं कुछ भी करने के लायक न रहूं। तब मैने अपना अलग रास्ता चुना और घोषणा की कि मैं भाजपा के टिकट पर चुनाव नहीं लडूंगा। मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लडूंगा जिन्होंने ये सारा कुचक्र लड़ा है।

मुख्यमंत्री रघुवरदास से एसी क्या नाराजगी रही कि बात यहां तक पहुंच गई
मुख्यमंत्री से मेरी नाराजगी 2005-06 से रही है। 2005 में वह नगर विकास मंत्री थे। तब नगर विकास में रांची के सीवरेज के काम के लिए सिंगापुर की एक कंपनी मेनहार्ट की नियुक्ति की गई। मामला विधानसभा की मेरी समिति के सामने आया जिसकी मैने जांच की और कहा कि यह नियुक्ति गलत है। मैंने अपनी रिपोर्ट सरकार को और विधानसभा को दी साथ ही भाजपा को भी उसकी एक प्रति भेज
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