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ब्रेग्ज़िट समझौते का विधेयक निचले सदन में पारित

ब्रितानी सांसदों ने ब्रेग्ज़िट समझौते को लागू करने वाले विधेयक को समर्थन दे दिया है.
हाउस ऑफ़ कॉमन्स में ब्रेग्ज़िट समझौते के पक्ष में 330 और विरोध में 231 वोट पड़े. अब इसे ऊपरी सदन में भेजा जाएगा.
विधेयक पास होने से पहले उस पर तीन दिनों तक चर्चा हुई. विधेयक के पक्ष में पड़े 330 वोट कंज़रवेटिव पार्टी के सांसदों के ही थे.
इस विधेयक में यूरोपीय संघ से अलग होने पर किए जाने वाले भुगतान, नागरिक अधिकारों, उत्तरी आयरलैंड के लिए सीमा शुल्क की व्यवस्था और परिवर्तन के लिए 11 महीनों का ट्रांज़िशन पीरियड जैसी बातें शामिल हैं.
यह क़ानून उस समझौते को लागू करेगा जो अक्टूबर में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और यूरोपीय संघ के बीच हुआ था. ब्रिटेन यूरोपीय संघ से 31 जनवरी को अलग होने वाला है.
ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री थेरेसा मे ब्रेग्ज़िट समझौते को पास नहीं करा पाई थीं. इसके बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

ब्रेग्ज़िट पर बोरिस जॉनसन की योजना को संसद में समर्थन

ब्रेग्ज़िट कहीं ‘मिशन इंपॉसिबल’ तो नहीं ?

31 जनवरी के बाद 11 महीने के ट्रांज़िशन पीरियड में ब्रिटेन यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं रहेगा लेकिन उसके नियमों का पालन करेगा और बजट में योगदान देगा.
ट्रांज़िशन पीरियड इसलिए रखा गया है ताकि ब्रिटेन और यूरोपीय संघ व्यापार समझौते समेत भविष्य में अपने संबंधों पर बातचीत कर सकें.
लिबरल डेमोक्रैट पार्टी के प्रवक्ता एलिस्टर कारमाइकल ने कहा कि उनकी पार्टी इस ‘ख़तरनाक’ विधेयक का विरोध करती रहेगी.
एलिस्टर कारमाइकल ने कहा, ”इस विधेयक का समर्थन करने वालों ने आने वाली पीढ़ियों के जीने और 27 देशों में काम करने के अधिकारों को ख़त्म करने के लिए वोट दिया है.”
स्कॉटिश नेशनल पार्टी नेता इआनत ब्लैकफ़र्ड ने कहा कि स्कॉटलैंड एक ”स्वतंत्र यूरोपीय देश रहेगा.”
”ये एक संवैधानिक संकट है क्योंकि हमारे साथ जो किया जा रहा है हम उसे स्वीकार नहीं कर सकते.”
लेकिन, ब्रेग्ज़िट सेक्रेटरी स्टीव बार्कले ने कहा कि उन्हें पूरा ”विश्वास” है कि ब्रिटेन इस साल के अंत तक व्यापार को लेकर यूरोपीय संघ से समझौता कर लेगा, भले ही आलोचकों का कहना है कि समयसीमा बहुत कम है.
प्रधानमंत्री बॉरिस जॉनसन ने भी ज़ोर दिया कि दिसंबर 2020 तक समझौता संभव है और ट्रांज़िशन पीरियड को बढ़ाया नहीं जाएगा.
वहीं, बुधवार को यूरोपीय संघ ने कहा था कि इस साल के अंत तक व्यापक व्यापार समझौते तक पहुंचना ”असंभव” है.

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