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बीएसई, आईडीबीआई, इलाहाबाद और सिंडिकेट बैंक ने घोषित किए तीसरी तिमाही के नतीजे

आईडीबीआई बैंक, इलाहाबाद बैंक, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और सिंडिकेट बैंक ने तीसरी तिमाही ( अक्तूबर से दिसंबर 2019) के नतीजों की घोषणा कर दी है। इस दौरान आईडीबीआई बैंक को 5,763 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, इलाहाबाद बैंक का घाटा बढ़कर 1,987 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, बीएसई का शुद्ध लाभ 10 फीसदी कम होकर 44.93 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है और सिंडिकेट बैंक का मुनाफा उछलकर 435 करोड़ रुपये पर आ गया।

आईडीबीआई बैंक 

फंसे कर्ज में बढ़ोतरी के चलते आईडीबीआई बैंक को अक्तूबर-दिसंबर, 2019 तिमाही में 5,763.04 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। वहीं अक्तूबर-दिसंबर, 2018 में बैंक को 4,185.48 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। आईडीबीआई बैंक ने एक स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा दिसंबर, 2019 में समाप्त तिमाही के दौरान उसकी कुल आय 6,190.94 करोड़ रुपये से बढ़कर 6,215.60 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। एलआईसी प्रवर्तित बैंक ने एक बार फिर फंसे कर्जों के लिए प्रावधान बढ़ा दिया। उसकी सकल गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) कुल कर्ज की तुलना में बढ़कर 28.72 फीसदी के स्तर पर पहुंच गईं, जो पिछले साल की समान अवधि के 29.67 फीसदी से कम है। मूल्य के लिहाज से बैंक के फंसे कर्ज 55,360.38 करोड़ रुपये से घटकर 49,502.68 करोड़ रुपये रह गए।

इलाहाबाद बैंक

इस दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के इलाहाबाद बैंक का शुद्ध घाटा बढ़कर 1,987 करोड़ रुपये हो गया है। जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में यह आंकड़ा 732.81 करोड़ रुपये था। बैंक का मुख्यालय कोलकाता में है और समीक्षाधीन तिमाही का परिचालन लाभ बढ़कर 898 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष यह 769 करोड़ रुपये था। इलाहाबाद बैंक का कारोबार 3.67 लाख करोड़ से बढ़कर 3.93 लाख करोड़ रुपये हो गया। बैंक का प्रावधान कवरेज अनुपात 82.42 फीसदी रहा और एनपीए घटकर 5.13 फीसदी पर आ गया। पहले यह 7.70 फीसदी था। इस दौरान सकल एनपीए बढ़कर 18.93 फीसदी पर पहुंच गया, जो एक साल पहले समान तिमाही में 17.81 फीसदी था।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का एकीकृत शुद्ध लाभ दिसंबर 2019 को समाप्त तीसरी तिमाही में 10 फीसदी कम हुआ और यह 44.93 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल यह आंकड़ा उसका शुद्ध लाभ 50.07 करोड़ रुपये था। बीएसई की कुल आय गिरकर 148.66 करोड़ रुपये रही , जो 2018-19 की समान तिमाही में 177.11 करोड़ रुपये पर थी। एकल आधार पर, बीएसई का शुद्ध लाभ बढ़कर 98.50 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पहले 52.36 करोड़ रुपये था। बीएसई की कुल एकल आय गिरकर 124.94 करोड़ रुपये रही। 

सिंडिकेट बैंक 

सिंडिकेट बैंक की बात करें, तो तीसरी तिमाही इसका शुद्ध लाभ 434.82 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 107.99 करोड़ रुपये था। फंसा कर्ज कम होने से बैंक को मनाफा हुआ। बैंक की कुल आय 6,077.62 करोड़ रुपये से बढ़कर 6,316.57 करोड़ रुपये पर आ गई। वहीं एनपीए कम होकर 11.33 फीसदी पर आ गया, जो पहले 12.54 फीसदी पर था। मूल्य के आधार पर, सकल एनपीए 26,184.66 करोड़ रुपये से गिरकर 25,330.10 करोड़ रुपये रह गया। शुद्ध एनपीए में भी गिरावट आई। यह 5.94 फीसदी ( यानी 12,514.32 करोड़ रुपये) पर आ गया, पहले यह 6.75 फीसदी ( यानी 13,211.17 करोड़ रुपये) पर था। 
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