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पहले शाम को पेश होता था Union Budget, वाजपेयी सरकार में बदली परंपरा, जानें पूरी कहानी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी, 2020 को अपना दूसरा केंद्रीय बजट पेश करेंगी। वह सुबह 11 बजे बजट पेश करेंगी। अगर आप बजट से जुड़ी गतिविधियों पर गौर करते हैं तो आपको मालूम होगा कि संसद में सुबह 11 बजे बजट पेश किए जाने की परम्परा है। हालांकि, अगर आप करीब दो दशक पीछे जाएंगे तो आप देखेंगे कि केंद्रीय बजट शाम के पांच बजे पेश किया जाता था। ऐसे में आपके लिए यह जानना जरूरी है कि केंद्रीय बजट शाम के समय क्यों पेश किया जाता और कब से इसे 11 बजे से पेश किया जा रहा है। 
इस वजह से शाम को पेश होता था बजट
हमने इस बात की पड़ताल की तो पाया कि यह अंग्रेजों के जमाने का नियम था। ऐसा समझा जाता है कि इसके पीछे की वजह नई दिल्ली और लंदन के बीच टाइम जोन का गैप है। दरअसल, आजादी से पहले ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्डस के सदस्यों को भारत का बजट सुनना होता था। ऐसे में जब भारत में शाम के पांच बजते थे तो लंदन में सुबह के करीब 11 बज रहे होते थे। इस तरह सांसद भारतीय संसद में पेश केंद्रीय बजट को सुनते थे। यह परम्परा आजादी के बाद भी जारी रही। हालांकि, यह भी कहा जाता है कि ब्रिटेन में बाजार वहां के समयानुसार सुबह 11 बजे खुलते थे इसलिए भारत में शाम को बजट पेश किया जाता था। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय बजट का असर बाजारों पर बहुत अधिक देखने को मिलता है। 
वाजपेयी सरकार में बदली परिपाटी
अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई वाली राजग सरकार ने इस परम्परा को बदला था। तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने वर्ष 1999 में 11 बजे बजट पेश किए जाने की परम्परा शुरू की। इसके बाद से ही केंद्रीय बजट सुबह 11 बजे पेश किया जाता है। 
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