राष्ट्रीय समाचार

नागरिकता कानून के विरोध में द्रमुक, कांग्रेस समेत कई पार्टियों के नेताओं ने निकाली रैली

संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ द्रमुक और उसके सहयोगियों ने सोमवार को चेन्नई में रैली निकाली और इस कानून को वापस लेने की मांग की। द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन, कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम, एमडीएमके प्रमुख वाइको और वाम दलों की राज्य इकाई के नेताओं ने एगमोर से राजरथिनम स्टेडियम तक की दो किमी की दूरी मार्च करके तय की।

मार्च के दौरान स्टालिन, चिदंबरम और अन्य शीर्ष नेताओं ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं। द्रमुक और सहयोगी दलों के कार्यकर्ता विवादित कानून के खिलाफ नारे लगा रहे थे। पुलिस ने बताया कि रैली को देखते हुए व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किए गए, ड्रोन तैनात किए गए और 5,000 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा ड्यूटी में लगाया गया। 

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। जगह-जगह आग लगाए जा रहे हैं तो कई जगहों पर उपद्रवियों ने ट्रेनें भी रोकी हैं। हालांकि यूपी समेत देशभर में उपद्रवियों पर कार्रवाई भी हो रही है। यूपी में अब तक 10,900 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई है। 705 लोगों की गिरफ्तारी की गई है।

वहीं, दिल्ली में 15 लोग, प. बंगाल में अब तक 600 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए हैं। महाराष्ट्र में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और उपद्रव करने के लिए हिंगोली जिले में 20 लोगों को हिरासत में लिया गया जबकि 130 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए। 

इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है, ‘नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वालों के हाथ में जब ईंट-पत्थर देखता हूं तो मुझे तकलीफ होती है। जब उनके हाथ में हिंसा के साधन देखता हूं तो भी मुझे तकलीफ होती है। परंतु जब उन्हीं में से कुछ के हाथ में तिरंगा देखता हूं, तो सुकून भी होता है। ये मोदी देश के लिए जिएगा, देश के लिए जूझता रहेगा।’ 

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला का कहना है कि नया कानून भेदभावपूर्ण और संविधान की आत्मा के खिलाफ है। भाजपा सरकार की बांटने वाली और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पूरे देश में विश्वविद्यालयों, आईआईटी, आईआईएम और अन्य अग्रणी शिक्षण संस्थानों में स्वत: विरोध की लहर है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button