महाराष्ट्र

नागपुर जिला परिषद में भाजपा की हार पर शिवसेना का तंज, फडणवीस और गडकरी के गृह जिले में ये हाल

शिवसेना ने शुक्रवार को हुए नागपुर जिला परिषद में हुए मतदान के नतीजों को सनसनीखेज और चौंकाने वाला करार दिया। गौरतलब है कि नागपुर जिला परिषद चुनाव में भाजपा और कांग्रेस को हार मिली है। 

महाराष्ट्र के छह जिला परिषदों नागपुर, अकोला, वाशिम, धुले, नंदुरबार, पालघर की 332 सीटों पर चुनाव हुए थे। साथ ही पंचायत समितियों की 664 सीटों पर भी मंगलवार को मतदान हुए और बुधवार को इसके परिणाम घोषित किए गए।  

भाजपा ने पार्टी के दिग्गजों देवेंद्र फडणवीस और नितिन गडकरी के गृह जिले नागपुर में जिला परिषद का नियंत्रण खो दिया। इससे भाजपा को आने वाले समय में भारी क्षति उठानी पड़ सकती है। नागपुर जिला परिषद की 58 सीटों में से भाजपा केवल 15 सीटें ही जीत पाई। वहीं, कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 30 सीटों पर जीत दर्ज किया, दूसरी ओर उसकी सहयोगी एनसीपी को भी 10 सीटों पर जीत हासिल हुई। 

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में लिखे गए एक संपादकीय के माध्यम से भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि धुले को छोड़कर भाजपा ने बाकी पांचों जिला परिषदों में करारी शिकस्त हासिल की। वहीं, इन पांचों जिलों में कांग्रेस, एनसीपी, शिवसेना और प्रकाश अंबेडकर के नेतृत्व वाली वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) ने काफी बेहतर प्रदर्शन किया। 

शिवसेना ने संपादकीय में लिखा कि महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह जिला होने के बावजूद भी नागपुर जिला परिषद में भाजपा को मिली हार बेहद ही सनसनीखेज और चौंकाने वाले हैं। साथ ही यह इस बात की ओर भी इशारा करते है कि ग्रामीण जनसंख्या का भाजपा से मोह भंग हो चुका है। 

संपादकीय में लिखा गया कि अक्तूबर में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने नागपुर में बेहतर प्रदर्शन किया था और अब उसने जिला परिषद की सीटों को भाजपा के हाथों से छीन लिया है। इसमें लिखा गया कि नंदुरबार और अन्य जगहों पर अगर कांग्रेस ने शिवसेना के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा होता, तो भाजपा समाप्त हो जाती।

56 सदस्यीय नंदुरबार जिला परिषद में, कांग्रेस और भाजपा दोनों ने 23 सीटें जीतीं, जबकि परिषद में पहले से मौजूद नहीं रहने वाली शिवसेना ने सात सीटें हासिल कीं। अखबार में लिखा गया कि शिवसेना के समर्थन के बिना कोई भी पार्टी जिला परिषद में सत्ता हासिल नहीं कर सकती। नंदुरबार में सत्ता गंवाने का गुस्सा इस कदर था कि भाजपा के गुंडों ने अक्कलकुआ में शिवसेना पार्टी कार्यालय पर हमला किया।

हालांकि, नागपुर में हारने के बावजूद, भाजपा इन जिला परिषद चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, जिसने 332 सीटों में से 109 सीटों पर जीत हासिल की। बता दें कि शिवसेना महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन कर सत्ता में है

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