latest

क्या PPF-NSC जैसी छोटी बचत योजनाओं से निवेशकों को होगा कम फायदा ?

[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी 2020 को बजट के दौरान आयकर के स्लैब की नई दरों की घोषणा करते हुए कई तरह की छूट के प्रावधान को खत्म कर दिया था। इसमें सेक्शन 80सी और आयकर कानून के चैप्टर 6ए भी शामिल हैं। इससे आयकर रिटर्न फाइल करते वक्त कई निवेश पर मिलने वाली छूट खत्म हो जाएगी। इनमें पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाएं भी शामिल हैं।

क्या लोगों को आकर्षित नहीं कर पाएंगी योजनाएं ?

हालांकि सरकार के नए कदम से अब छोटी बचत योजनाओं में निवेश पर ग्रहण लग सकता है। इन निवेश योजनाओं में ज्यादातर आम आदमी बचत और निवेश के लिए करता था, ताकि उसको आयकर में लाभ के साथ ही बचत भी होती रहे। अब नए स्लैब के बाद और निवेश में छूट के 100 में से 70 विकल्पों को खत्म करने के बाद यह योजनाएं पूरी तरह से लोगों को आकर्षित नहीं कर पाएंगी। 

1.50 लाख के निवेश पर होगा कम फायदा

पुराने स्लैब के अनुसार, अगर कोई करदाता केवल 1.5 लाख रुपये की छूट का इस्तेमाल करता है, तो फिर इसका कम फायदा मिलेगा। वहीं नए स्लैब के अनुसार अगर व्यक्ति 1.5 लाख की छूट नहीं लेता है तो फिर उसे फायदा मिलेगा। 

करदाताओं के पास है विकल्प

करदाता अगर नए टैक्स स्लैब को अपनाना चाहें, तो इसमें पाने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन उसे कटौती और टैक्स छूटों को भूल जाना होगा। यानी नया टैक्स स्लैब अपनाने पर आयकर की धारा 80 सी के तहत आने वाली जीवन बीमा, पीपीएफ, पीएफ, एनपीएस, सुकन्या समृद्धि योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना और पांच साल तक की फिक्स्ड डिपॉजिट जैसी लोकप्रिय टैक्स छूटें खत्म हो जाएंगी। यह बड़ा फैसला है, जिसे करदाताओं पर छोड़ दिया गया है। 

पहले यह था नियम

पहले सेक्शन 80सी के तहत निवेश करने पर छूट की सीमा 1.5 लाख रुपये थी, जिसमें पीपीएफ और एनएससी योजनाओं में किए गए निवेश भी शामिल थे। साथ ही नेशनल पेंशन सिस्टम में 50,000 रुपये तक के निवेश पर अलग से टैक्स छूट मिलती थी।

आर्थिक मामलों के सचिव ने दिए थे संकेत

बजट 2020 के बाद आर्थिक मामलों के सचिव अतनु चक्रवर्ती ने कहा था कि अगली तिमाही से पीपीएफ, एनएससी और सुकन्या समृद्धि जैसी लघु बचत योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज कम हो सकता है। उन्होंने अगली तिमाही से छोटी बचत पर मिलने वाली ब्याज दर में बाजार के अनुरूप बदलाव के संकेत दिए हैं। 
[

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button