चुनाव

क्या झारखंड के नतीजे बिहार चुनाव की झलक है?

बिहार की प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भी झारखंड के विधानसभा चुनाव परिणामों को बिहार से जोड़ कर देख रही है.

अख़बारों के संपादकीय और न्यूज़ चैनलों के डिबेट की मानें, तो झारखंड के चुनाव परिणाम का आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में गहरा असर पड़ेगा?

हालांकि, डेमोग्राफी और स्थानीय मुद्दों के लिहाज से देखें तो झारखंड और बिहार में काफ़ी अंतर दिखता है.

वहां आदिवासी समुदाय और उनके मसले ज़्यादा हावी हैं. जबकि यहां जातीय समीकरणों की भूमिका हर बार प्रभावी रही है.

बावजूद इसके ऐसा क्यों कहा जा रहा है झारखंड के विधानसभा चुनाव परिणाम बिहार के विधानसभा चुनाव की बानगी हैं?

बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा कहते हैं, “ऐसा इसलिए क्योंकि जिस तरह से झारखंड में विपक्ष एकजुट होकर लड़ा उसी तरह बिहार का विपक्ष भी एकजुट है. झारखंड के चुनाव परिणाम ने हमें और हमारी एकता को और ताक़त दी है. हालांकि इसकी झलक पहले ही मिल चुकी है. एक महीने पहले पांच सीटों पर हुए विधानसभा उपचुनाव में भी हमारे महागठबंधन ने बढ़त हासिल की थी.”

लेकिन बिहार में बीजेपी अकेली नहीं है. जदयू और लोजपा साथ में हैं. उनके शीर्ष नेतृत्व ने भी पहले ही यह साफ कर दिया है कि बिहार का विधानसभा चुनाव वे एनडीए गठबंधन के अंदर ही लड़ेंगे.

जबकि दूसरी तरफ जिस तरह का विपक्षी गठबंधन झारखंड में इस बार दिखा, बिहार में फ़िलहाल वैसा नहीं दिखता.

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