इकोनामी एड फ़ाइनेंसlatest

कच्चे माल और तैयार उत्पाद पर ड्यूटी का फर्क बढ़ा रहा सरकार पर रिफंड का बोझ

[: कच्चे माल और उससे तैयार होने वाले उत्पाद में ड्यूटी की दर में फर्क के चलते सरकार को हर साल 20000 करोड़ रुपये का रिफंड देना होगा। ऐसे करीब दो दर्जन वस्तुएं हैं जिनके कच्चे माल पर जीएसटी की दर अधिक है जबकि तैयार माल पर ड्यूटी की दर कम है। जीएसटी के टैक्स स्ट्रक्चर में इस असंतुलन को दूर करने के संबंध में काउंसिल अपनी अगली बैठक में विचार कर सकती है। इस तरह के ड्यूटी स्ट्रक्चर को इनवर्टड ड्यूटी स्ट्रक्चर (आइडीएस) का नाम दिया गया है।
हाल ही में 18 दिसंबर को हुई जीएसटी काउंसिल की 38वीं बैठक के लिए तैयार एक नोट के मुताबिक ‘सरकार का अनुमान है कि इस पर सालाना 20000 करोड़ रुपये का रिफंड देना होगा।’ इस तरह की सबसे ज्यादा दिक्कत मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में जीएसटी की निचली दर 5 और 12 परसेंट के दायरे में आने वाले उत्पादों पर आ रही है। इस बात की आशंका जतायी जा रही है कि इस तरह के रिफंड की मांग सर्विस और कैपिटल गुड्स क्षेत्र से भी उठ सकती है। ऐसा होता है तो विवादों और कानूनी मामलों की संख्या में वृद्धि हो सकती है
[

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button